

Rajesh Kshirsagar Viral Video: महाराष्ट्र की राजनीति में जहाँ एक तरफ 'ऑपरेशन टाइगर' और उद्धव ठाकरे के तूफानी दौरों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच शह-मात का खेल जारी है, वहीं दूसरी तरफ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता का चौंकाने वाला कथित वीडियो सामने आया है। इस वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद राज्य के सियासी गलियारों में भ्रष्टाचार और कमिशनखोरी को लेकर एक नया भूचाल आ गया है।
ठाकरे गुट के सोलापुर जिले के पूर्व अध्यक्ष रविकिरण इंगवाले ने इस कथित स्टिंग वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति शिंदे गुट के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक राजेश क्षीरसागर हैं, जो एक सरकारी ठेकेदार के साथ काम के बदले मिलने वाले कमिशन के प्रतिशत पर सीधी सौदेबाजी कर रहे हैं।
पूर्व जिला प्रमुख रविकिरण इंगवाले द्वारा साझा किए गए इस कथित वीडियो के आधार पर यह गंभीर दावा किया गया है कि इसमें किसी बड़े सरकारी टेंडर या प्रोजेक्ट को लेकर पैसों का सीधा लेन-देन चल रहा है। वीडियो के संवादों के मुताबिक, ठेकेदार कथित तौर पर नेता जी से कह रहा है कि उसने तय डील के अनुसार पांच प्रतिशत (5%) उन्हें और बाकी के दो अन्य लोगों को एक-एक प्रतिशत का हिस्सा दे दिया है। इसके साथ ही बातचीत में यह भी सामने आया कि पहले किश्त के रूप में 40 लाख रुपये दिए जा चुके थे, लेकिन अब कुछ तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से ठेकेदार आगे काम करने का इच्छुक नहीं दिख रहा है।
वीडियो की सबसे हैरान करने वाली बात वह संवाद है जहां कथित तौर पर राजेश क्षीरसागर ठेकेदार पर दबाव बनाते दिख रहे हैं। जब ठेकेदार अपनी दी गई रकम का हिसाब समझाने की कोशिश करता है, तो सामने से आवाज आती है, "हमें भी तो अपने लोगों को वेतन (सैलरी) देना होता है, हमारा भी खर्च है। यह काम किसी और को मिलने वाला था, लेकिन हमने दूसरों के हाथ से ये काम छीनकर आपको दिया है।" इस पर ठेकेदार सहमे हुए लहजे में कहता नजर आ रहा है, "महोदय, आप गुस्सा न हों।" इस पूरी बातचीत के कैमरे में कैद होने से शिंदे गुट बैकफुट पर नजर आ रहा है।
यह वीडियो ऐसे समय पर सामने आया है जब शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे खुद बागी सांसदों और विधायकों के गढ़ में जाकर महायुती सरकार को 'खोके' (रिश्वत) के मुद्दे पर घेर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष को सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक बेहद ज्वलंत और प्रत्यक्ष प्रमाण मिल गया है। अभी तक इस वायरल वीडियो की सत्यता की कोई आधिकारिक या फोरेंसिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही राजेश क्षीरसागर की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद महाराष्ट्र का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा चुका है।