

Four Activists Detained In Jalna: जालना जिले के वडीगोद्री में मराठा आरक्षण आंदोलन के केंद्र अंतरवाली सराटी में ओबीसी समाज के प्रतिआंदोलन को लेकर तनाव बढ़ गया है। पुलिस ने ओबीसी नेता एडवोकेट मंगेश ससाणे समेत चार आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया है।
पुलिस कार्रवाई के बाद ससाणे ने सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए भेदभावपूर्ण रवैये का आरोप लगाया। मनोज जरांगे के मराठा आरक्षण के लिए जारी अनिश्चितकालीन अनशन के बीच ओबीसी समाज ने भी अंतरवाली सराटी में आंदोलन शुरू कर दिया है।
जरांगे के आंदोलन स्थल से कुछ दूरी पर सोनियानगर क्षेत्र में मंगेश ससाणे, विठ्ठल तळेकर, सतीश कुलाल और उनके समर्थकों ने रविवार से अनशन शुरू किया था। एक ही गांव में दो आमने-सामने आंदोलन शुरू होने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
ओबीसी आंदोलनकारियों ने मांग की है कि ओबीसी आरक्षण को प्रभावित किए बिना और कानूनी दायरे में रहकर ही मराठा आरक्षण को लेकर कोई फैसला लिया जाए। आरक्षण के मुद्दे पर आत्महत्या करने वाले युवाओं के परिवारों को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई है।
आंदोलनकारियों ने प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के सरकार के फैसले को रद्द करने की मांग की है। चार आंदोलनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद अंतरवाली सराटी में राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ गया है।
हिरासत में लिए जाने के बाद ससाणे ने कहा कि पिछले एक साल में मनोज जरांगे के आंदोलनों के दौरान पुलिस ने अनुमति और अन्य दस्तावेजों की जांच नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जरांगे सरकार और मंत्रियों के खिलाफ कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकियों की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तब कानून-व्यवस्था का मुद्दा क्यों नहीं उठाया जाता।
वहीं, ओबीसी समाज शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करता है तो पुलिस अनुमति और मंडप को लेकर दबाव बना रही है। ससाणे ने आरोप लगाया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण होने के बावजूद पुलिस ने स्टेज लगाने का विरोध किया और आंदोलन स्थल बदलने के निर्देश दिए, उन्होंने राज्य सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।