बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़, जालना में स्कूल बसों पर RTO की कार्रवाई; 119 वाहनों पर जुर्माना

Jalna RTO School Bus Inspection: जालना में स्कूल बसों की जांच अभियान में 571 वाहनों की जांच की गई। नियम उल्लंघन करने पर 119 बसों पर कार्रवाई करते हुए 1.65 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
Compromising Children's Safety: RTO Takes Action Against School Buses in Jalna; Fines Imposed on 119 Vehicles
Jalna School Transport Safety ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Jalna School Transport Safety: जालना स्कूल विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर स्थिति सामने आई है। नियमों का उल्लंघन कर बच्चों की जान जोखिम में डालने वाले स्कूल बस संचालकों के खिलाफ उप-क्षेत्रीय परिवहन विभाग (RTO) ने सख्त कार्रवाई की है।

इस विशेष अभियान में 119 स्कूल बसों पर कार्रवाई करते हुए कुल 1.65 लाख का जुर्माना वसूला गया 571 स्कूल बसों की जांच, कई वाहन नियमों के खिलाफ पाए गए।उप-क्षेत्रीय परिवहन विभाग ने 1 अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच विशेष जांच अभियान चलाया।

यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे बस चालक

इस दौरान 571 स्कूल बसों की जांच की गई, 166 अन्य वाहनों का भी निरीक्षण किया गया। 119 स्कूल बसे और 17 अन्य वाहन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए।

इन सभी वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई और जुर्माना वसूला गया, विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

नियमों का उल्लंघन करने वाले बस बालको और संचालकों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उप-क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बालाजी धनये ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, कई बार चेतावनी देने के बावजूद कुछ चालक जानबूझाकर नियमों का पालन नहीं करते।

सभी अभिभावकों को दी गई सलाह

ORTO ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को स्कूल बस में भेजने से पहले कुछ आवश्यक बातों की जांच अवश्य करें बस के पास वैध फिटनेस प्रमाणपत्र हो, बस में सभी जरूरी सुरक्षा उपकरण मौजूद हो।

"स्कूल बसों के लिए अनिवार्य सुरक्षा नियम, स्कूल बसों के संचालन के लिए निम्नलिखित नियम अनिवार्य है बस का रंग पीला होना चाहिए, में अग्निशमन यंत्र और प्राथमिक उपचार किट होना अनिवार्य है, बस में स्पीड गवर्नर लगा होना चाहिए खिड़कियाँ पर सुरक्षा ग्रिल होनी चाहिए छोटी बच्चियों के लिए महिला सहायक होना जरूरी है।

चालका के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, बैज और वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र होना चाहिए, जांच में सामने आई प्रमुख लापरवाहिया, निरीक्षण के दौरान कई गभीर अनियमितताएं पाई गई बस की क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाना फिटनेस प्रमाणपत्र समाप्त होने के बावजूद बस चलाना बस के दरवाजे सही तरीके से बंद न होना।

आपातकालीन दरवाजा जाम होना, बीमा, PUC और लाइसेंस का अभाव है। जालना में स्कूल बसों की लापरवाही बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है।

RTO की इस कार्रवाई से नियमों का उल्लंघन करने वालों में डर जरूर पैदा हुआ है, लेकिन स्थायी सुधार के लिए अभिभावको, स्कूल प्रशासन और परिवहन विभाग को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी

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