जालना मनपा चुनाव: प्रचार तेज, सियासी तपिश चरम पर; कांग्रेस में असंतोष खुला, निधि और मार्गदर्शन पर सवाल

Political Allegations: जालना मनपा चुनाव में मतदान से पहले सियासी पारा चढ़ा। प्रचार तेज, आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं व कांग्रेस में निधि व मार्गदर्शन को लेकर प्रत्याशियों की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है।
Jalna Municipal Corporation elections: Campaign intensifies, political heat at its peak; discontent surfaces in Congress, questions raised over funding and leadership.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
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Jalna Municipal Election: जालना मनपा चुनाव के लिए मतदान में कुछ ही दिन शेष रहने से राजनीतिक तबिश बढ़ने के साथ ही सभी प्रभागों में प्रचार तेज हो गया है। आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी जारी है। कांग्रेस में शीर्ष नेतृत्व की कथित अनदेखी के चलते कई प्रत्याशियों की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है।

पार्टी के कई उम्मीदवारों का आरोप है कि चुनाव प्रचार के लिए न तो पर्याप्त निधि उपलब्ध कराई जा रही है और न ही स्पष्ट मार्गदर्शन मिल रहा है। केंद्र व राज्य में सत्ताधारी दल भाजपा व शिंदे सेना 65 में से 37 सीटों पर सीधे आमने-सामने हैं। कुछ क्षेत्रों में अन्य दलों के उम्मीदवारों के साथ भी सीधी भिड़ंत हो रही है।

इस प्रभाग के उम्मीदवार सबसे ज्यादा चर्चित

प्रभाग क्रमांक 1, 5, 6, 9, 13, 15 व 16 की लड़ाइयों पर खास नजर बनी हुई है। इन क्षेत्रों में स्थानीय समीकरण, बगावत व पार्टी के भीतर असंतोष चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। कहीं पुराने दिग्गजों व नए चेहरों के बीच सीधी टक्कर है। कहीं आंतरिक राजनीति मुकाबले को और रोचक बना रही है।

राकां (अजीत पवार गुट) को झुलाते हुए गठबंधन को लेकर अंतिम तिथि तक बातचीत जारी रखी। गठबंधन की चर्चाओं के बीच भाजपा ने प्रभागवार उम्मीदवारों की सूची तय कर ली। इससे मित्र दलों को समय पर प्रत्याशी तय करने में परेशानी हुई व कई जगह वे प्रत्याशी तक नहीं उतार सके। शहर के 16 प्रभागों की 65 सीटों के लिए कुल 453 प्रत्याशी मैदान में है।

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