Jalna Civic Development Proposals( सोर्स: सोशल मीडिया )
Jalna Civic Development Proposals: जालना शहर में विकास कार्यों, प्रशासनिक फैसलों व खर्चों को लेकर पारदर्शिता की कमी महसूस की जा रही है। ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या हाल ही में चयनित जनप्रतिनिधि क्या मनपा के प्रशासन में सुधार ला पाएंगे।
कुछ वर्षों में मनपा में 800 प्रस्ताव पारित किए गए हैं, पर इनमें से कितने कार्य वास्तव में पूरे हुए, कितनों का भुगतान किया गया व कितने अभी भी लंचित हैं आदि का विवरण सामने नहीं आने से यह चर्चा हो रही है कि इन प्रस्तावों का वास्तविक परिणाम क्या रहा व शहर को उनसे कितना लाभ मिला। नगर परिषद का चुनाव 2016 में हुआ था।
अधिकारियों व पदाधिकारियों के कार्यालय कक्षों के निर्माण, मरम्मत व साज-सज्जा पर निधि की बंदरबांट किए जाने की चर्चा है। इनमें से कई कार्य सीएसआर फंड से किए जा रहे हैं।
उसके लिए किस प्रक्रिया से मंजूरी दी गई व खर्च किस नियम के तहत किया जा रहा है, इस बारे में प्रशासन ने जानकारी नहीं दी है। गमर्मी का मौसम शुरू होते ही शहर के कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी के संकेत मिलने लगे हैं।
नागरिकों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में जल संकट बढ़ता है, तो मनपा के पास इसके लिए क्या ठोस योजना है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
2021 में पूर्व नगरसेवकों का कायकाल समाप्त होने के बाद नपा प्रशासन का जिम्मा प्रशासक के हाथों में गया। शुरुआत में यह दायित्व उपविभागीय अधिकारी के पास था बाद में सीओ को प्रशासक बना नपा का दर्जा बढ़ाकर मनपा किया गया। गत 6 महीनों से जिलाधिकारी आशिमा मित्तल प्रशासक होने से उनसे विकास की आस है।
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मनपा के कामकाज को लेकर उठ रहे इन सवालों के बीच अब उम्मीद नवनिर्वाचित नगरसेवकों से है। शहरवासियों का मानना है कि वे प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने, लंबित विकास कार्यों की समीक्षा करने व शहर की बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएंगे।