महाराष्ट्र बैंक के कर्मचारियों की हड़ताल से करोड़ों का लेन-देन ठप, जानें स्ट्राइक की वजह

Bank Strike Public sector bank employees threaten to go on strike on June 27
Published on
Updated on

चालीसगांव : महाराष्ट्र बैंक (Maharashtra Bank) कर्मचारीयों (Employees)की हड़ताल (Strike)की वजह से करोड़ों का लेन-देन ठप हुआ है। भले ही बैंक का विस्तार बढ़ा हो और लाभ और व्यवसाय बढ़ा हो, लेकिन कर्मचारियों की संख्या कम होने से इन कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। महाराष्ट्र बैंक के कर्मचारियों ने कर्मचारियों की भर्ती और अन्य मांगों को लेकर राज्य भर में दो दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है। चालीसगांव में भी शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र की चार शाखाओं के कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए, जिससे गुरुवार पहले दिन कारोबार ठप रहा और करीब 15 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

यूनाइटेड फोरम ऑफ महाराष्ट्र बैंक यूनियन ने दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया है। देश भर में 2058 शाखाओं के साथ महाराष्ट्र बैंक की राज्य में 50 से अधिक शाखाएं हैं। महाराष्ट्र बैंक ने राज्य की प्रगति में बहुत बड़ा योगदान दिया है। 10 साल पहले महाराष्ट्र बैंक की 1589 शाखाएं थीं। आज 2128 शाखाएं हैं। यानी इस दौरान बैंक ने 539 नई शाखाएं जोड़ीं। 2012 में जो कारोबार 1,33,508 करोड़ रुपए था, वह 2022 के अंत तक 3,65,890 करोड़ रुपए हो गया है। इस मे कारोबार में 2,31,810 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है। जमा राशि 53 लाख करोड़ पहुंच गई है।

चालीसगांव में 15 करोड़ का कारोबार ठप

इस मांग की अनदेखी के चलते महाराष्ट्र बैंक कर्मचारियों ने आज 9 और 10 फरवरी को दो दिवसीय बैंक हड़ताल शुरू कर दी है। इस दो दिवसीय हड़ताल में चालीसगांव शाखा, सायगांव शाखा, टाकली प्र.दे. शाखा और उंबरखेड शाखा के सभी कर्मचारियों ने भाग लेने से इन चारों शाखाओं का दैनिक लेनदेन ठप हो गया। इन चारों शाखाओं में रोजाना करीब 15 करोड़ रुपए का लेनदेन होता है। ग्राहकों को आग कदम पर पीछे लौटना पड़ा। इस बार बैंक कर्मचारियों ने ग्राहकों व खाताधारकों को हड़ताल पर क्यो गए? इसकी जानकारी दी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com