जलगांव की राजनीति में आएगा भूचाल, ‘शिवसेना के 4 विधायक BJP के संपर्क में’, संजय राउत का बड़ा दावा

Sanjay Raut: शिवसेना UBT के नेता संजय राउत ने दावा किया है कि जलगांव जिले के चार शिवसेना विधायक भाजपा के संपर्क में हैं, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में नए सियासी समीकरण बनने की अटकलें तेज हो गई हैं।
sanjay raut claims 4 shiv sena mlas in contact with bjp jalgaon politics
Sanjay Raut Statement (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Jalgaon Political News: जलगांव जिले की राजनीति में बड़ा उलटफेर होने के संकेत मिल रहे हैं। संजय राउत ने दावा किया है कि जिले के शिवसेना के चार विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और उनकी नजदीकियां लगातार बढ़ रही हैं। राउत के इस बयान से जिले में सियासी भूचाल आ गया है।

शुक्रवार को जलगांव दौरे पर पहुंचे राउत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुक्ताईनगर, पाचोरा और पारोला विधानसभा क्षेत्रों के शिवसेना विधायकों की भाजपा नेताओं, खासकर गिरीश महाजन के साथ नजदीकियां बढ़ रही हैं। उन्होंने संकेत दिए कि आगामी चुनाव में ये विधायक भाजपा के टिकट पर मैदान में उतर सकते हैं।

किसानों पर वार, सरकार पर प्रहार

राउत ने जिले में केले उत्पादक किसानों को हुए भारी नुकसान का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “किसान संकट में हैं और तथाकथित संकटमोचक केवल विधायक तोड़ने और राजनीति करने में व्यस्त हैं।” उन्होंने सरकार को असंवेदनशील बताते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल खड़े किए।

पुलिस पर ‘हुकूमशाही’ का आरोप

राउत ने जलगांव में “राजनीतिक हुकूमशाही” का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस का उपयोग विरोधियों की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि पुलिस को वर्दी का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।

ढोंगी बाबा प्रकरण पर सावधानी

ढोंगी बाबा मामले पर राउत ने कहा कि एसआईटी जांच जारी है, इसलिए अभी टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी जाएगी।

महाविकास आघाड़ी पर भी बोले

राहुरी और बारामती उपचुनाव को लेकर राउत ने कहा कि महाविकास आघाड़ी के तीनों दल मिलकर निर्णय लें। “जहां जिसकी ताकत है, वहां वही पार्टी चुनाव लड़े,” उन्होंने कहा।

मुंबई में ‘भ्रष्टाचार’ का आरोप

मुंबई महानगरपालिका को लेकर राउत ने आरोप लगाया कि प्रशासकीय कार्यकाल में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि यदि 1000 करोड़ का टेंडर रद्द हुआ है, तो यह गंभीर गड़बड़ी का संकेत है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com