इन दिनों महाराष्ट्र में लोड शेडिंग से राहत, 8 राज्यों में अभी भी लोड शेडिंग से नागरिक परेशान
- Written By: अमन दुबे
जलगांव : कोयले (Coal) की कमी और भीषण गर्मी (Scorching Heat) के कारण बिजली (Electricity) की बढ़ती मांग के बावजूद महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (Maharashtra State Electricity Distribution Company Limited) ने पिछले 19 दिनों से राज्य में किसी भी फेज पर लोड शेडिंग (Load Shedding) नहीं की है। जिसके चलते प्रदेश में बिजली आपूर्ति (Power Supply) से नागरिकों ने सुखद राहत महसूस किया है। इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश सहित आठ राज्य अभी भी लोड शेडिंग का सामना कर रहे हैं। राज्य में करीब 26,700 मेगावाट बिजली की मांग की गई। मुंबई के अलावा राज्य के बाकी हिस्सों में बिजली की मांग 23,400 मेगावाट थी। तदनुसार, MSEDCL ने सुचारू बिजली आपूर्ति प्रदान की है। साथ ही, गत 21 अप्रैल से राज्य के किसी भी हिस्से में लोड शेडिंग को नहीं किया गया है। वहीं कृषि पंपों को दिन-रात 8 घंटे बिजली आपूर्ति शेड्यूल के अनुसार सुचारू है। पिछले मार्च से ही आग उगते सूरज की वजह से बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। वहीं, कोयले की कमी और अन्य कारणों से देशभर में बिजली संकट पैदा हुआ है। अप्रैल में बिजली की मांग 24,500 मेगावाट तक पहुंच गई और बिजली की अनुपलब्धता के कारण, 8 से 10 दिनों में लोड शेडिंग करने की नोबत आ गई थी।
हालांकि, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, ऊर्जा मंत्री डॉ. नितिन राउत, ऊर्जा राज्य मंत्री श्री. प्राजकत तानपुरे, प्रमुख सचिव (ऊर्जा) दिनेश वाघमारे के अनुवर्ती और सकारात्मक समर्थन के साथ-साथ एमएसईडीसीएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक विजय सिंघल, एमएसईडीसीएल की सावधानी पूर्वक योजना 21 अप्रैल से राज्य में लोड शेडिंग से बचाने में सफल रही है। उल्लेखनीय है कि बिजली की रिकॉर्ड मांग के बावजूद लोड शेडिंग नहीं की गई है।
15 राज्यों में लोड शेडिंग शुरू हो गई
MSEDCL ने सावधानीपूर्वक योजना बनाकर और विभिन्न स्रोतों और बिजली उत्पादन कंपनियों से उपलब्ध बिजली की मात्रा के माध्यम से बिजली की मांग का गहन अध्ययन कर मांग के अनुरूप पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के प्रयास किया है। नतीजतन, देश के 15 राज्यों में लोड शेडिंग शुरू हो गई है, लेकिन महाराष्ट्र में लगातार 19 दिनों से किसी भी प्रकार की लोड शेडिंग नहीं की गई है। वर्तमान में बिजली संकट के कारण लोड शेडिंग का सामना कर रहे राज्यों की संख्या 15 से घटकर 8 हो गई है। मंगलवार को महाराष्ट्र को छोड़कर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), बिहार (Bihar), हरियाणा (Haryana), उत्तराखंड (Uttarakhand), जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir), लद्दाख (Ladakh), झारखंड (Jharkhand) और मेघालय (Meghalaya) को लोड शेडिंग का सामना करना पड़ा था।
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MSEDCL के सफल प्रयासों से राज्य में लोड शेडिंग फिलहाल बंद
एमएसईडीसीएल के क्षेत्र में बिजली की मांग करीब 23,400 मेगावाट थी। इसके लिए 7300 मेगावाट बिजली महानिरमिति की औष्णिक परियोजनाओं, 250 गैस परियोजना, 2388 अदानी, 1200 रतन इंडिया, 5600 सीजीपीएल, 5630 केंद्र से, 5630 मेगावाट, सौर, पवन और अन्य स्रोतों की नई और नवीकरणीय परियोजनाओं से 5045 मेगावाट बिजली प्रदान की गई थी। बिजली की शेष मांग को पूरा करने के लिए कोयना जलविद्युत परियोजना और आवश्यकता नुसार खुले बाजार में बिजली की खरीद ने राज्य को मांग के अनुसार सुचारू और निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रदान की। MSEDCL के सफल प्रयासों के कारण, राज्य में लोड शेडिंग फिलहाल बंद है। इसलिए अन्य राज्यों के मुकाबले महाराष्ट्र के नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। जब तक वर्तमान बिजली संकट पूरी तरह से हल नहीं हो जाता, तब तक आगे लोड शेडिंग को रोकने के लिए महावितरण द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।
