

जलगांव: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेताओं ने 23 जुलाई को एक आंदोलन किया गया। गृहमंत्री अमित शाह की टिप्पणी के विराेध में जलगांव में एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को एनसीपी कार्यालय के बाहर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ नारेबाजी कर विराेध प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा सरकार ने शरद पवार को भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया था और अब उसी सरकार के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पवार के लिए अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में शरद पवार भ्रष्टाचार के सबसे बडे सरगना कहा था। इसी प्रकार प्रधानमंत्री मोदी ने भी लोकसभा में उन्हें भटकती आत्मा कहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेताओं ने कहा कि शरद पवार महाविकास आघाड़ी के नेता हैं और उनका महाराष्ट्र दौरा चल रहा है और इस दौरे को मतदाताओं और नागरिकों से भारी प्रतिक्रिया मिल रही है। इसी कारण से भाजपा नेताओं के पैरों तले की जमीन खिसक रही है, इसलिए अमित शाह और देवेंद्र फड़णवीस द्वारा ऐसे बयान दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विरोधियों में गुस्सा फैलाने और उन पर लाठियां बरसाने के लिए देवेंद्र फड़णवीस सिरफिरे और भड़काऊ बयान दे रहे हैं। इसके चलते वे महाराष्ट्र में शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। अमित शाह को अपनी पार्टी के भ्रष्ट नेताओं पर विचार करना चाहिए। आदर्श घोटाला, सिंचाई घोटाला, स्कूल घोटाला, आदिवासी घोटाला, बढ़कम घोटाला भाजपा में भ्रष्टाचार के बडे स्तंभ हैं। अमित शाह को इसका अध्ययन करना चाहिए और फिर किसी की आलोचना करनी चाहिए।
इस आंदोलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की फोटो लगाकर जूते मार कर कड़ा विरोध किया गया। इस आंदोलन में जिला अध्यक्ष रविंद्र पाटिल, महानगर अध्यक्ष अशोक लाडवांजरी, जिला समन्वयक विकास पवार, युवक प्रदेश जनरल सेक्रेटरी रमेश पाटिल, महानगर महिला अध्यक्ष मंगलाताई पाटिल, युवक जिला अध्यक्ष उमेश पाटिल, युवा महानगर अध्यक्ष रिकु चौधरी, सहकार सेल अध्यक्ष वाल्मीक पाटिल, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष मजहर पठाण के साथ कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।