मंत्री गुलाबराव पाटिल की अध्यक्षता में लिया गया बड़ा फैसला, कहा- गिरणा बांध से पांच बार छोड़ा जाएगा पानी

Gulabrao Patil
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जलगांव : जलगांव जिले के पालक मंत्री (Foster Minister) ने नहर सलाहकार समिति की बैठक (Advisory Committee Meeting) में निर्णय लेते हुए निर्देश दिए कि गिरणा बांध (Girna Dam) से जलगांव जिले लिए पांच बार पानी छोड़ा जाए। तीन बार कृषि सिंचाई (Agricultural Irrigation) के लिए और 2 बार गैर-सिंचाई (Non-Irrigation) के लिए पानी छोड़े जाने की व्यवस्था की गई है। किसानों की ओर से पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए जहां गिरणा बांध से सिर्फ दो बार पानी मिल रहा है, उसे पालक मंत्री गुलाबराव पाटिल (Gulabrao Patil) ने लाभ क्षेत्र के किसानों और लोगों के लिए बढ़ाकर तीसरी बार करने का निर्देश जारी किया है। पालक मंत्री ने इस दौरान कहा कि पानी की उपलब्धता और मांग के चौथी बार पानी देने के संबंध में विचार करने संबंधी विचार किया जाएगा। 

पालक मंत्री की घोषणा के बाद गिरणा जलाशय से 15-20 दिसंबर, 14-20 जनवरी और 16-21 फरवरी को पानी छोड़ा जाएगा। गैर सिंचाई क्षेत्रों के लिए अप्रैल और मई में मांग के अनुसार 2 रोटेशन जारी किया जाएगा, इससे गैर-सिंचाई क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा। जिला स्तरीय नहर सलाहकार समिति की बैठक पालक मंत्री क्रमांक 21 में की। अजंता राजकीय विश्राम गृह में विधायक किशोर पाटिल सहित गुलाबराव पाटिल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। 

इस मौके पर अधीक्षण अभियंता एस. डी. दलवी, समिति सदस्य दत्तू ठाकुर, पूर्व जिला परिषद सदस्य गोपाल चौधरी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. पंकज अधीक्षण अभियंता और प्रशासक लाभक्षेत्र विकास प्राधिकरण एस.डी. दलवी, गिरणा सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डी. पी. अग्रवाल, जिला कृषि अधीक्षक संभाजी ठाकुर, निवासी जिलाधिकारी राहुल पाटिल, राजस्व उप सिंचाई विभाग डी. बी. बेहेरे, गिरणा क्षेत्र के डिप्टी इंजीनियर विजय जाधव, हेमंत पाटिल, प्रवीण पाटिल, एस. आर. पाटिल समेत अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। बैठक का संचालन उप कार्यपालक अभियंता सुभाष चव्हाण ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन अधीक्षण अभियंता एस. डी. दलवी ने किया। बैठक में सिंचाई जलापूर्ति के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। 

गैर सिंचाई जल उपयोग

मिल परियोजना के लिए मूल परियोजना रिपोर्ट में सिंचाई के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए पानी के उपयोग का प्रावधान नहीं था, हालांकि, सरकार ने बदलती परिस्थितियों के अनुसार गैर-सिंचाई क्षेत्रों के लिए समय-समय पर मंजूरी दी है। गिरणा परियोजना के तहत पीने के लिए आश्रित संस्थाओं में मालेगांव मनपा, चालीसगांव, भदगांव और पाचोरा नगर पालिकाएं और महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की 2 योजनाएं और चालीसगांव, भदगांव, पाचोरा और एरंडोल तहसील के 154 गांव भी शामिल हैं। 

बकाया भुगतान की अपील

बैठक में बकाया वसूली को लेकर भी चर्चा हुई और किसानों से बकाया भुगतान करने की अपील अधीक्षण अभियंता एस. डी. दलवी ने की. गिरणा- पांझन परियोजना पर गत वर्ष का सिंचाई और गैर सिंचाई का बकाया 18 करोड़ 12 लाख 1 हजार और चालू वर्ष का जल कर 8 करोड़ 18 लाख 86 हजार रुपए है। अक्टूबर 2022 के अंत में 2 करोड़ 21 लाख 14 हजार रूपए की वसूली की जा चुकी है तथा किसानों का 24 करोड़ 07 लाख 19 हजार रूपए का बकाया है।

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