

जलगांव: महाराष्ट्र के जलगांव जिले में अब रेलवे स्टेशनों को विकसित करने का काम किया जा रहा है। जलगांव में केंद्र सरकार की अमृत भारत योजना के तहत 147 करोड़ की धनराशि को मंजूरी दी गई है। इस धनराशि से अब जलगांव के रेलवे स्टेशनों के हालातों में सुधार आएगा। केंद्र सरकार की 'अमृत भारत स्टेशन' योजना के तहत जलगांव जिले के 5 प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए शामिल किया गया है।
इन पांच स्टेशनों में भुसावल, चालीसगांव, अमलनेर, धरणगांव और पाचोरा स्टेशन शामिल है। इन 5 स्टेशनों में से भुसावल स्टेशन पर वेटिंग लाउंज, फूड कोर्ट, स्वच्छ शौचालय, लिफ्ट, एस्केलेटर और डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा चालीसगांव, अमलनेर, धरणगांव और पाचोरा के स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पुनर्विकास कार्य भी किया जाएगा। योजना का उद्देश्य इन स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को बढ़ाना है।
इस उद्देश्य के लिए केंद्र सरकार द्वारा धन आवंटित किया गया है, लेकिन सवाल ये है कि इन में विशिष्ट राशि का उल्लेख नहीं किया गया है। इस योजना से स्टेशन का सौंदर्यीकरण, प्रवेश द्वारों का आधुनिकीकरण, निर्बाध शहर संपर्क और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। जलगांव जिले से यात्रा करने वाले हजारों नागरिकों को इन सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है। चालीसगांव स्टेशन – 35 करोड़ रुपये अमलनेर स्टेशन – 29 करोड़ रुपये धरणगांव स्टेशन - 26 करोड़ रुपये पाचोरा जंक्शन – 28 करोड़ रुपये भुसावल स्टेशन – (इसमें शामिल है तथा धनराशि अलग से घोषित नहीं की गई है)
इससे ठीक एक दिन पहले महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मेक इन महाराष्ट्र के लिए कई बडे़ कदम उठाए। थोरियम परमाणु रिएक्टर के विकास के लिए सह्याद्री अतिथिगृह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में एक सहयोग पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता महाजेनको (महाराष्ट्र राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी) और रूस की शासकीय कंपनी ROSATOM तथा स्मॉल मॉड्युलर रिएक्टर विद थोरियम फ्युएल के बीच हुआ।
महाराष्ट्र में थोरियम रिएक्टर का संयुक्त विकास। अणु ऊर्जा नियामक मंडल (AERB) के सुरक्षा मानकों के अनुसार थोरियम रिएक्टर का व्यावसायीकरण। “मेक इन महाराष्ट्र” पहल के अंतर्गत थोरियम रिएक्टर के लिए असेंबली लाइन की स्थापना। महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (मित्रा) इस परियोजना को रणनीतिक समर्थन प्रदान करेगा। सभी कार्य भारत सरकार और AERB की मार्गदर्शक सूचनाओं के अनुसार किए जाएंगे।