हिंगोली में 'टैक्स' धमाका: 45 हजार कमाने वाले को 23 करोड़ का GST नोटिस, आधार-पैन के दुरुपयोग से मचा हड़कंप

Hingoli GST Notice: हिंगोली के वसमत में एक छोटे दुकानदार को 23 करोड़ का GST नोटिस मिला। जालसाजों ने उसके आधार-पैन का उपयोग कर 105 करोड़ का फर्जी लेन-देन किया था।
Hingoli GST Notice
Hingoli GST Notice प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
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Basmat Cyber Fraud: हिंगोली जिले के वसमत शहर से साइबर फ्रॉड और वित्तीय धोखाधड़ी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा और सतर्कता को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। एक छोटे से इलेक्ट्रिक दुकानदार, जिसकी महीने की कुल कमाई महज 45 हजार रुपये है, उसे जीएसटी (GST) विभाग की ओर से 23 करोड़ रुपये का नोटिस थमाया गया है। यह आंकड़ा सुनते ही दुकानदार के पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि जिस दुकान की दैनिक आय 1500-2000 रुपये हो, वहां करोड़ों का टैक्स नोटिस मिलना किसी बुरे सपने से कम नहीं था।

हिंगोली पुलिस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले और किसी भी आम नागरिक के लिए एक बड़ी चेतावनी हैं।

पैन और आधार कार्ड का 'करोड़ों' में दुरुपयोग

पीड़ित दुकानदार राजेश दुमाने वसमत में एक छोटी सी इलेक्ट्रिक की दुकान चलाते हैं। नोटिस मिलने के बाद जब उन्होंने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई, तो जांच में पता चला कि उनके आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर 105 करोड़ रुपये का भारी-भरकम ट्रांजैक्शन किया गया है। तेलंगणा के एक अज्ञात जालसाज ने बड़ी चतुराई से राजेश के केवाईसी (KYC) दस्तावेजों का उपयोग करके फर्जी फर्म बनाई और करोड़ों का व्यापार दिखाया। इसी 105 करोड़ के लेन-देन के आधार पर जीएसटी विभाग ने नियमानुसार 23 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस जारी कर दिया।

तेलंगणा से जुड़े तार, पुलिस ने दर्ज किया मामला

हिंगोली पुलिस के अनुसार, इस धोखाधड़ी के पीछे तेलंगणा का एक गिरोह सक्रिय होने का संदेह है। आरोपियों ने पीड़ित के दस्तावेजों तक कैसे पहुंच बनाई, इसकी गहनता से जांच की जा रही है। वसमत शहर पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उन बैंक खातों और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को खंगाल रही है, जिनके जरिए इस 'ब्लैक मनी' को घुमाया गया है।

नागरिकों के लिए चेतावनी: अपना डेटा संभालें

यह घटना डिजिटल इंडिया के दौर में डेटा सुरक्षा की अहमियत को रेखांकित करती है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अपना आधार और पैन कार्ड किसी भी अनजान व्यक्ति या अनधिकृत पोर्टल को न दें। दस्तावेजों की फोटोकॉपी देते समय उस पर उद्देश्य (Purpose) और तारीख जरूर लिखें। समय-समय पर अपना 'एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट' (AIS) चेक करते रहें ताकि पता चल सके कि आपके पैन पर कोई अनजान ट्रांजैक्शन तो नहीं हो रहा। केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल या लिंक से सावधान रहें।

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