Shaktipeeth Expressway: हिंगोली में सैकड़ों किसानों का प्रदर्शन, मंत्री नरहरि झिरवल के काफिले का रास्ता रोका

Hingoli Farmers Protest: हिंगोली में नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों ने प्रदर्शन किया और प्रभारी मंत्री नरहरि झिरवल का काफिला रोककर नारेबाजी की।
Farmers protest against the Nagpur-Goa Shaktipeeth Expressway
हिंगोली किसान विरोध , नरहरि झिरवलसोर्स: नवभारत डिज़ाइन फोटो
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Nagpur Goa Shaktipeeth Expressway: प्रस्तावित नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध में गुरुवार को हिंगोली में सैकड़ों किसानों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।

किसानों ने शहीद स्मारक पार्क के पास सड़क पर धरना देकर अपनी नाराजगी जताई। इसी रास्ते से हिंगोली के पालकमंत्री नरहरि झिरवल को मराठवाड़ा मुक्ति दिवस के ध्वजारोहण समारोह में पहुंचना था।

किसानों ने मंत्री के काफिले का रास्ता रोका

प्रदर्शनकारी सड़क पर डटे रहे और मंत्री नरहरि झिरवल से सीधे मुलाकात की मांग करने लगे। किसानों के सड़क पर बैठने के कारण मंत्री के काफिले का निर्धारित मार्ग प्रभावित हुआ।

प्रदर्शनकारियों ने शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण पर सरकार से बातचीत की मांग की।

पुलिस और किसानों के बीच मामूली झड़प

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच मामूली झड़प हुई।

कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड भी हटाए। घटना के बाद कुछ समय के लिए इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही।

मुख्यमंत्री से बैठक नहीं होने पर नाराजगी

प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि पालकमंत्री नरहरि झिरवल ने पहले उनकी समस्याओं को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने रखने और उनसे बैठक कराने का आश्वासन दिया था। किसानों का आरोप है कि अब तक मुख्यमंत्री के साथ ऐसी कोई बैठक नहीं कराई गई है। इसी वजह से उनमें नाराजगी बढ़ी है।

किसान चाहते हैं कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े उनके सवालों पर राज्य सरकार उनके साथ सीधे बातचीत करे और परियोजना से प्रभावित होने वाली कृषि भूमि तथा आजीविका को लेकर स्पष्ट समाधान निकाला जाए।

Farmers protest against the Nagpur-Goa Shaktipeeth Expressway
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शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे को लेकर पहले से विरोध

नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे को लेकर महाराष्ट्र के कई हिस्सों में किसानों की ओर से पहले भी भूमि अधिग्रहण का विरोध सामने आया है। हिंगोली के चोंडी में भी सितंबर में किसानों और ग्रामीणों ने परियोजना के लिए भूमि मापने पहुंची राजस्व टीम का विरोध किया था, जिसके बाद मापणी का काम रोकना पड़ा था।

परियोजना की लंबाई और लागत में बदलाव

शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे को नागपुर क्षेत्र से गोवा सीमा तक जोड़ने वाली ग्रीनफील्ड परियोजना के रूप में प्रस्तावित किया गया है। शुरुआती योजना में इसकी लंबाई करीब 802 किलोमीटर और अनुमानित लागत लगभग ₹86,300 करोड़ बताई गई थी।

2026 में परियोजना के संशोधित प्रारूप में मार्ग की लंबाई बढ़ाकर करीब 856.765 किलोमीटर किए जाने और लागत लगभग ₹1 लाख करोड़ तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है।

सरकार के सामने किसानों को समझाने की चुनौती

हिंगोली शहर में हुए ताजा प्रदर्शन ने एक बार फिर शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों की चिंताओं को सामने ला दिया है।

प्रदर्शनकारी अब मुख्यमंत्री के साथ बैठक और अपनी मांगों पर स्पष्ट चर्चा की मांग कर रहे हैं। ऐसे में परियोजना को आगे बढ़ाने के साथ प्रभावित किसानों की आपत्तियों और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों पर सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

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