कांग्रेस में कलह! सपकाल ने वडेट्टीवार से मांगा जवाब, पूछा- जनसुरक्षा विधयेक...

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र विधानसभा में विशेष जन सुरक्षा विधेयक बिना विराेध के पास होने पर कांग्रेस ने अपने नेताओं से जवाब मांगा है। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने एक पत्र लिखा है।
Harshvardhan Sapkal sought answer from Vijay Wadettiwar
हर्षवर्धन सपकाल व विजय वडेट्टीवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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मुंबई: पिछले हफ्ते महाराष्ट्र विधानसभा और विधान परिषद दोनों ने महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक, 2024 को पारित कर दिया। यह बिल बिना विरोध के पास हुआ। इसको लेकर अब महाराष्ट्र कांग्रेस में अंदरूनी कलह शुरू हो गई है। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने विशेष जन सुरक्षा विधेयक के राज्य विधानसभा में विपक्षी पार्टी के सदस्यों के विरोध के बिना पारित होने पर अपने विधायक दल के नेता से स्पष्टीकरण मांगा है।

मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सोमवार को कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार को पत्र लिखा। इसमें यह बताने को कहा है कि विधेयक को कांग्रेस सदस्यों के विरोध के बिना ही पारित होने दिया गया, जो कि पूर्व में हुई एक बैठक में लिए गए निर्णय के विपरीत है। उन्होंने बताया कि सपकाल ने पार्टी आलाकमान के निर्देश पर वडेट्टीवार से स्पष्टीकरण मांगा है।

विजय वडेट्टीवार विधानसभा में नहीं थे मौजूद

विधानसभा कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने पत्रकारों से बातचीत में स्वीकार किया कि उनसे स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। वडेट्टीवार ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि 10 जुलाई को विधेयक विधानसभा में पारित होने के लिए लाया जाना है। इस दिन वे बैंक चुनाव के लिए अपने गृह जिले चंद्रपुर में थे, वरना उन्होंने विधेयक की प्रति ‘फाड़' दी होती।

दोनों सदनों से महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक, 2024 पारित

बता दें कि पिछले हफ्ते महाराष्ट्र विधानसभा और विधान परिषद दोनों ने विवादास्पद महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक, 2024 को पारित कर दिया था, जिसका उद्देश्य ‘शहरी नक्सलवाद' पर ध्यान केंद्रित करते हुए वामपंथी उग्रवादी संगठनों की गैरकानूनी गतिविधियों को रोकना है।

इस विधेयक में कड़े प्रावधान हैं, जिनमें दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना और सात साल तक की जेल की सजा शामिल है। विधेयक की नागरिक संगठनों और विपक्षी दलों ने आलोचना की है, जो इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर असहमति को दबाने का हथियार मानते हैं।

10 जुलाई को जब विधानसभा में विधेयक को पारित करने के लिए लाया गया, तो सभी पार्टी विधायकों को सदन में बोलने के लिए प्रमुख बिंदु सुझाए गए थे। इस दिन कांग्रेस विधायक दल के नेता सदन में अनुपस्थित थे।अगले दिन यानी 11 जुलाई को कांग्रेस के विधान परिषद सदस्यों ने उच्च सदन में विधेयक का विरोध करते हुए वॉकआउट किया था।

कांग्रेस की बैठक में हुआ था विरोध करने का फैसला

कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने पार्टी विधायकों को सख्त निर्देश जारी किया था कि विधानसभा में जो हुआ, वह विधान परिषद में नहीं दोहराया जाना चाहिए। इससे पहले कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने 30 जून को जब राज्य के पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई थी। इसमें विधेयक का विरोध करने का फैसला लिया गया था। हालांकि, विधानसभा में केवल एकमात्र मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक ने ही विधेयक का विरोध किया था।

अमीन पटेल और सतेज पाटिल से ब्योरा देने कहा

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि उन्हें, विधानसभा में उपनेता अमीन पटेल और विधान परिषद में कांग्रेस के समूह नेता सतेज पाटिल से पिछले हफ्ते विधेयक पारित होने के दौरान विधानमंडल की कार्यवाही का ब्योरा देने को कहा गया है।

विजय वडेट्टीवार ने कहा कि मुझसे पार्टी को यह बताने के लिए कहा गया है कि किसने बहस में हिस्सा लिया और किसने विधेयक विरोध किया। उन्होंने स्वीकार किया कि विधानमंडल में पार्टी सदस्यों का बेहतर प्रबंधन हो सकता था।

कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने बताया कि विपक्षी सदस्य शुक्रवार को राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मिलेंगे और विधेयक को मंजूरी न देने का अनुरोध करेंगे, जो इसे अधिनियम बनाने के लिए आवश्यक है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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