तिरोड़ा रेलवे स्टेशन पर जल्द लगेंगे कोच डिस्प्ले और ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड, रेल प्रशासन ने दी मंजूरी

Praful Patel News: तिरोड़ा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए जल्द ही कोच डिस्प्ले और ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड लगाए जाएंगे। रेल प्रशासन ने सांसद प्रफुल पटेल की मांग पर इस कार्य को मंजूरी दे दी है।
tiroda railway station coach display board approved passenger facility
Coach Display Board (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Tiroda Railway Station News: तिरोड़ा रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा को बढ़ाने के लिए जल्द ही कोच डिस्प्ले बोर्ड और ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड लगाए जाएंगे। रेल प्रशासन द्वारा इस कार्य को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है।

यह महत्वपूर्ण निर्णय पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद प्रफुल पटेल के निरंतर प्रयासों के बाद लिया गया है। सांसद प्रफुल पटेल ने 7 अप्रैल 2026 को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल रेल प्रबंधक को पत्र लिखकर तिरोड़ा स्टेशन पर यात्रियों की इस असुविधा को दूर करने की मांग की थी।

सांसद की मांग पर रेल प्रशासन की कार्रवाई

सांसद प्रफुल पटेल के पत्र का संज्ञान लेते हुए, दक्षिण पूर्व मध्य रेल के मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता ने लिखित तौर पर इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि तिरोड़ा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए कोच डिस्प्ले बोर्ड और ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड लगाने के कार्य को स्वीकृत किया जा चुका है। रेल प्रशासन के अनुसार, इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी कार्रवाई तेजी से शुरू कर दी गई है।

यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

वर्तमान में तिरोड़ा स्टेशन पर कोच पोजीशन डिब्बा कहां आएगा और ट्रेनों के आनेजाने की सही जानकारी के डिजिटल बोर्ड न होने से यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लग जाने से अब यात्रियों को अपनी ट्रेन की स्थिति और कोच ढूंढने में कोई दिक्कत नहीं होगी। पटेल के इस सफल प्रयास पर क्षेत्र के नागरिकों और रेल यात्रियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनका आभार व्यक्त किया है।

फंड योजना के तहत प्रमाणपत्र वितरण

सन 2025-2026 इस वित्तीय वर्ष के जिला निधि 20 प्रश शेषफंड योजना अंतर्गत पिछड़ा वर्गीय लाभार्थियों को अभिनंदन प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम पंचायत समिति सभागृह में आयोजित हुआ। यह आयोजन पंचायत समिति की ओर से किया गया था। शुरुआत महात्मा गांधी व डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के तैलचित्र का पूजन कर की गई। उद्घाटन समाज कल्याण समिति सभापति रजनी मिलिंद कुंभरे के हाथों, जिप सदस्य छाया नागपुरे, पंस उप सभापति जितेंद्र बल्हारे, पंस सदस्य प्रमिला गणवीर, संतोष बोहरे, मुख्याध्यापक शंकरलाल नागपुरे, सहायक गटविकास अधिकारी एम।एल। वासनिक, गणेश पवार, अंजली बावणकर, किरण तिरेले, अरुण कोसमे के आतिथ्य में हुआ।

8000 पिछड़ा वर्गीय लाभार्थियों का सम्मान

अतिथियों के हाथों लक्ष्मी मारगाये, अस्मिता शहारे, पूजा बोरकर, नीतू शहारे, मनीषा राऊत, अनिता अंबादे, शैलेश कलचार, स्वरूप चंद्रिकापुरे, किशोर वालदे, अर्पण शहारे, सुनील चंद्रिकापुरे व विनोद मोहबे इन पिछड़ा वर्गीय लाभार्थियों को अभिनंदन प्रमाणपत्र प्रदान कर उनका गौरव किया गया। साथ ही हर घर संविधान उपक्रम अंतर्गत संविधान उद्देशिका की प्रति देकर लाभार्थियों का सम्मान किया गया।

आमगांव में विहिप और बजरंग दल की मांग

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से पुलिस निरीक्षक तिरुपति राणे को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई कि ईद पर गायों की हत्या न की जाए और शहर में सामाजिक शांति बनी रहे। भारतीय खेती, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और संस्कृति का आधार माने जाने वाले गौवंश की बड़ी संख्या में हत्या होना गंभीर विषय है। संगठन ने इसे कानून, सामाजिक व्यवस्था तथा भारतीय संविधान की भावना के विरुद्ध बताया।

गौवंश संरक्षण की जिम्मेदारी

बजरंग दल पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 के तहत राज्य सरकार पर गौवंश संरक्षण की जिम्मेदारी है, वहीं अनुच्छेद 51 अग के अनुसार प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह सभी जीवों के प्रति करुणा का भाव रखे। ज्ञापन में महाराष्ट्र प्राणी संरक्षण अधिनियम 1976 संशोधित 1995 का उल्लेख करते हुए कहा गया कि राज्य में गौवंश हत्या प्रतिबंधित है तथा इसका उल्लंघन दंडनीय अपराध है।

साथ ही प्राणी क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत पशुओं पर क्रूरता करना भी कानूनन अपराध बताया गया। सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का प्रयाससंगठन ने आरोप लगाया कि जिले में हो रही गौवंश हत्या केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास भी है।

इस संबंध में प्रशासन से कड़ी कार्रवाई करने तथा बकरी ईद के दौरान विशेष निगरानी रखने की मांग की गई। प्रतिनिधि मंडल में प्रांत संयोजक नवीन जैन, जिला गौरक्षा प्रमुख बालराम व्यास, ब्लॉक संयोजक प्रणय मेश्राम, शहर अध्यक्ष राजेश मिश्रा, पंकज पारधी, भैरव ढेकवार, राजू बावनथड़े, गौरव पवार, आयुष बेतवाल, गुड्डू टेंभरे, कोमल पवार आदि का समावेश था।

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