

Gondia Irrigation Project Limit Farmers Protest: गोंदिया जिले के तिरोड़ा तहसील के अंतर्गत वैनगंगा नदी पर निर्मित 'धापेवाड़ा उपसा सिंचाई परियोजना' (लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट) के तहत सिंचाई व्यवस्था, पाइपलाइन विस्तार और नहर सुधार कार्यों को लेकर क्षेत्र के किसानों व जनप्रतिनिधियों के बीच असंतोष और संवाद का दौर तेज हो गया है।
यह परियोजना पहले चरण में 16 गांवों की खेती को खरीफ व रबी फसलों के लिए पानी उपलब्ध कराने हेतु शुरू की गई थी। पुराने नहर तंत्र के साथ-साथ कुछ गांवों के लिए नई नहरें बनाकर सिंचाई सुविधा दी जा रही है, जिससे संबंधित गांवों के कृषि उत्पादन में हरित क्रांति जैसी स्थिति देखने को मिलती रही है।
दूसरे चरण में खड़बंदा तालाब को तिरोड़ा-गोंदिया मार्ग के किनारे से पाइपलाइन के माध्यम से भरने की योजना लागू की गई, जिससे इस तालाब का पानी किसानों तक पहुंचकर फसल उत्पादन को स्थिरता देने लगा। तीसरे चरण में बोदलकसा, भदभद्या, रिसाला और संग्रामपुर तालाबों को पानी से भरने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा 5,217 करोड़ रुपये की योजना का भूमिपूजन किया गया था। कुछ तालाबों में पाइपलाइन से पानी भरने का कार्य भी शुरू हुआ, लेकिन पुरानी ब्रिटिशकालीन नहरों को हटाकर नई सीमेंटेड नहरों के निर्माण ने सिंचाई आपूर्ति को प्रभावित कर दिया है। किसानों का कहना है कि इस निर्माण कार्य के चलते वर्तमान सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो रही है।
चोरखमारा और बोदलकसा तालाबों में छोड़े गए पानी को आगे नहरों के माध्यम से भदभद्या, रिसाला और संग्रामपुर तालाबों तक पहुंचाने की योजना है। इसी बीच, बोदलकसा जाने वाली पाइपलाइन के सुकड़ी गांव के पास वाल्व पॉइंट को लेकर नया विवाद सामने आया है। पहले इस योजना के तहत भजेपार तक पाइपलाइन विस्तार करने की योजना थी, लेकिन अब इसे केवल खुर्शीपार तक ही सीमित किए जाने की बात सामने आने पर किसानों में नाराजगी बढ़ गई है।
बैठक में मांग की गई कि भदभद्या तालाब की बजाय किसी अन्य व्यावहारिक वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाए। अंततः सभी पक्षों की सहमति से मौके पर ही जाकर इस समस्या का समाधान निकालने का निर्णय लिया गया।
इस चर्चा के दौरान सांसद प्रशांत पडोले, राधेलाल पटले, तहसील अध्यक्ष रमेश टेंभरे, पार्षद परमानंद पारधी, संचालक ओमप्रकाश पटले, कैलाश रहांगडाले, गजानन रिनाईत, हौसीलाल बघेले, संजू पटले, मोरेश्वर शेंडे, मूलचंद रहांगडाले, भैयालाल हनवत आदि प्रमुखता से उपस्थित थे। इसी बीच, किसानों ने सांसद और गुट विकास अधिकारी (BDO) संघमित्रा कोल्हे के सामने 'घरकुल योजना' (आवास योजना) की राशि समय पर न मिलने की शिकायत भी रखी।