

गोंदिया. सालेकसा तहसील के साजा क्र. 8 स्थित धनेगांव के पटवारी कार्यालय में पिछले 2 माह से ताला लटका हुआ है. जिसकी वजह से किसानों व विद्यार्थियों को दस्तावेजों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है. बावजूद राजस्व विभाग की ओर से इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. जिससे ग्रामीण समस्याओं का सामना कर रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि धनेगांव स्थित पटवारी कार्यालय हमेशा ही बंद रहने के कारण काम के लिए आने वाले किसानों व विद्यार्थियों को बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है. दो सप्ताह पूर्व बेमौसम बारिश से रबी मौसम के धान को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ. फसलों के नुकसान भरपाई पाने के लिए किसानों को सातबारा, गांव नमूना 8, सीमांकन चतुर्सीमा के साथ ही नक्शा व विद्यार्थियों को दस्तावेज की जरूरत होती है.
नुकसान का पंचनामा करने के लिए पटवारी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. लेकिन दो माह से पटवारी कार्यालय में ताला लटका होने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जिससे किसानों को नुकसान भरपाई से वंचित रहना पड़ रहा है. यहां के पटवारी बार-बार अवकाश पर जाने की चर्चा है. दरेकसा साजा का अतिरिक्त कामकाज जमाकुडो के पटवारी को दिए जाने की जानकारी दी. लेकिन उनके पास अतिरिक्त काम का अधिक बोझ होने से उन्हें यहां आने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. तहसील के राजस्व विभाग के अनेक कर्मचारी मुख्यालय में न रहते हुए अन्य गांवों से अप-डाउन करते हैं. बावजूद उन पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही हैं.
दरेकसा यह आदिवासी, नक्सल प्रभावित क्षेत्र है. अगर पटवारी यहां उपस्थित नहीं रहते होंगे तो मामले की जांच कर निश्चित रूप से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
-चिन्मय गोतमारे, जिलाधीश गोंदिया
पिछले दो माह से पटवारी कार्यालय पर ताला लटका हुआ है. इस संदर्भ में किसानों ने हमसे शिकायत की है. पटवारी बार-बार गायब हो जाते हैं. जिसकी वजह से विद्यार्थियों व किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अब तक पटवारी ने गांव में एक भी गृहभेंट नहीं की है. जिससे मामले की जांच कर पटवारी का स्थानांतरण किया जाए.
-बारेलाल वरखड़े, सामाजिक कार्यकर्ता, धनेगांव