मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान के तहत पांजरा गांव पहुंची मूल्यांकन समिति, पेड़ों की अवैध कटाई का आरोप
Panjara Village Inspection: मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान के तहत जिला स्तरीय निरीक्षण समिति ने पांजरा ग्राम पंचायत के विकास कार्यों का जायजा लिया।
Untitled design (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Panjara Gram Panchayat: मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायतराज अभियान की जिला स्तरीय निरीक्षण समिति ने मंगलवार को तहसील में ग्राम पांजरा का निरीक्षण किया। निरीक्षण समिति में यवतमाल जिला परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मंदार पत्की, उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी युवराज महेत्रे, उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी नरेगा प्रकाश नाटकर, विस्तार अधिकारी पंचायत फुटाने, विस्तार अधिकारी धालचोर शामिल थे। उन्हें गुट विकास अधिकारी संघमित्रा कोल्हे, विस्तार अधिकारी शितेश पटले, ज्ञानेश नाकाडे और चौरे द्वारा किए गए विभिन्न कार्यों की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर सरपंच शारदा चामट, उपसरपंच सुभाष चव्हाण, महेश गाढवे, अमोल चामट, शालिनी गोमासे, सुषमा उकेबोंद्रे, वर्षा आस्वले, निरंजना उपासे आदि उपस्थित थे। 7000 आम के पेड़ों की अवैध कटाई शिकायत मिली तो करेंगे जांच वनपरिक्षेत्र अधिकारी सड़क अर्जुनी, श।सं। तहसील के डव्वा, चिरचाड़ी व खजरी वनपरिक्षेत्र बीट परिसर में सरकारी जमीन पर स्थित आम के पड़ों की खुलेआम अवैध कटाई की जा रही है।
7000 आम के पेड़ों की अवैध कटाई का आरोप
साथ ही चिरचाड़ी गांव के पास पगडंडी व टीसीएम नाली परिसर में अवैध पेड़ों की कटाई होने का आरोप नागरिकों ने किया है। उल्लेखनीय है कि, संबंधित बीट में महिला वन रक्षक कार्यरत हैं और उनकी अनुपस्थिति में बीट का प्रबंधन उनके पति ही चला रहे हैं। ऐसे में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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इस संबंध में वनपरिक्षेत्र अधिकारी मिथून तरोणे से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मेरे पास शिकायत आने पर उचित जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, स्थानीय नागरिकों ने पेड़ों की अवैध कटाई की स्वतंत्र जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि आरोप सही हैं तो इससे वन संसाधनों के संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।
कोई पेड़ों की कटाई नहीं हुई
डव्वा वनरक्षक अक्षय नंदेश्वर ने कहा कि काटेवार के बीट में ऐसी कोई पेड़ों की कटाई नहीं हुई है। संबंधित ठेकेदारों की जानकारी दें, मैं उनसे बात करुंगा।
शिकायतों के बाद भी PWD सुस्त, ग्रामीणों की गुहार
अर्जुनी मोरगांव तहसील के केशोरीकेलवद सड़क मार्ग की हालत दिनोंदिन बदहाल होती जा रही है। लगभग दो कि।मी। लंबा यह हिस्सा अत्यंत संकरा होने के कारण वाहन चालकों के लिए लगातार परेशानी का कारण बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सड़क के दोनों ओर झाड़ियां और पेड़ बेतरतीब तरीके से फैल चुके हैं, जिससे मार्ग और भी संकरा हो गया है। इससे सामने से आने वाले वाहन स्पष्ट दिखाई नहीं देते, जिसके कारण कई बार गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी है।
झाड़ियों की सफाई और चौड़ीकरण की मांग
कुछ हादसों में लोगों की जान जाने की भी बात ग्रामीणों ने बताई है। यह मार्ग राजोलीभरनोली गांवों को जोड़ते हुए केशोरी से होकर जिला मुख्यालय गोंदिया तक लगभग 150 किमी। की दूरी तय करता है, जिससे यह क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, व्यापारी और यात्री इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग और जनप्रतिनिधियों द्वारा इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया है। ग्रामीणों ने केशोरीकेलवद मार्ग के इस संकरे हिस्से को शीघ्र चौड़ा करने तथा सड़क किनारे उगी झाड़ियों की कटाई कर सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने की मांग की है।
