Gondia: आंगनवाड़ी सेविकाओं का छलका दर्द, नहीं मिला 'भाईदूज भेट', दिवाली से एक दिन पहले हुई थी घोषणा

Gondia Anganwadi News: गोंदिया में आंगनवाड़ी सेविकाओं को अब तक नहीं मिली 2000 रुपये की भाईदूज भेट। मानधन, रिचार्ज और भत्ते की समस्याओं से जूझ रहीं सेविकाएं।
Gondia police tadipar action 2026
Gondia police:गोंदिया जिले (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Gondia News: राज्य सरकार ने दिवाली को मीठा बनाने के लिए दिवाली से एक दिन पहले आंगनवाड़ी सेविका व मदतनीसों को 2,000 रुपये 'भाईदूज भेट' देने की घोषणा की थी। यह रकम दिवाली से पहले खाते में जमा करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन, दिवाली अंधेरे में निकल गई और भाईदूज के दो महीने बाद भी खाते में रकम जमा नहीं हुई है, जिससे आंगनवाड़ी सेविकाओं में नाराजगी है।

महिला व बाल विकास विभाग के जरिए एकात्मिक बालविकास सेवा योजना के तहत काम करने वाली आंगनवाड़ी सेविका और मदतनीस गांव स्तर पर अच्छे से काम कर रही हैं। वे छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं के लिए स्वास्थ्य, पोषण व पूर्व प्राथमिक शिक्षा से जुड़ी सेवा दे रही हैं।

कब मिलेंगे भाईदूज भेट के पैसे?

वे छोटे बच्चों के स्वास्थ्य जांच व टीकाकरण, पोषण आहार, परिवार नियोजन व स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देने और पोषण जैसी योजना लागू करने के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन उन्हें अक्सर मानधन और दूसरी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सरकार ने दिवाली को मीठा बनाने के लिए 2,000 रुपये भाईदूज भेट देने की घोषणा की थी। लेकिन यहां भी देरी हो रही है। इसलिए सवाल किया जा रहा है कि उन्हें 2,000 रुपये कब मिलेंगे? जिले में कुछ प्रकल्पों में काम करने वाली आंगनवाड़ी सेविका और मदतनीस को पिछले तीन-चार साल से प्रवास भत्ता नहीं दिया गया है। इसके साथ ही, यह बात भी सामने आई है कि उन्हें पोषण भत्ता भी नहीं मिल रहा है। ऐसे में वे अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं, और सवाल यह किया जा रहा है कि सरकार उन्हें क्यों नजरअंदाज कर रही है।

आंगनवाड़ी केंद्र व पदों की स्थिति

  • कुल आंगनवाड़ी केंद्र - 1,724
  • आंगनवाड़ी सेविका के रिक्त पद - 89
  • मदतनीस के रिक्त पद - 56
  • पर्यवेक्षिका के रिक्त पद - 14

299 रुपये के रिचार्ज के लिए सिर्फ 199 रुपये

सरकार ने आंगनवाड़ी सेविका व मदतनीस को सिम कार्ड दिए हैं। अब जब वे सिम कार्ड ग्रामीण इलाकों में काम नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें पोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे आंगनवाड़ी सेविकाओं की परेशानी बढ़ गई है। साथ ही रिचार्ज 299 रुपये का है। लेकिन सरकार की ओर से सिर्फ 199 रुपये दिए जा रहे हैं।

जिले में आंगनवाड़ी सेविका व मदतनीस के लिए 2,000 रुपये का निधि भाईदूज भेट के रूप में मिला है। इसके लिए कुल 67 लाख रुपये मिले हैं, और कुछ तहसीलों में 46 लाख रुपये बांटा जा चुका है। कुछ तकनिकी दिक्कतों के कारण, बाकी निधि जिला स्तर पर बांटना पड़ रहा है। तकनिकी दिक्कतें दूर होते ही रकम उनके खाते में जमा कर दी जाएगी।

- कीर्तिकुमार कटरे, महिला व बालविकास, जिप गोंदिया

Navbharat Live
navbharatlive.com