Gondia News: अर्जुनी मोरगांव तहसील के नवेगांवबांध में हर गुरुवार को लगने वाला साप्ताहिक बाजार अब नागरिकों के लिए गंभीर समस्या और संभावित खतरे का कारण बनता जा रहा है. बाजार का आयोजन मुख्य सड़क पर होने से पूरे क्षेत्र में अव्यवस्था और यातायात बाधित होने की स्थिति उत्पन्न हो रही है. विशेष रूप से यह बाजार नवेगांवबांध बस स्टैंड से छत्रपति शिवाजी महाराज चौक टी प्वाइंट तक के अत्यंत व्यस्त मार्ग पर लगने के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
नवेगांवबांध का साप्ताहिक बाजार क्षेत्र का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र माना जाता है, जहां दूरदूर से व्यापारी और ग्राहक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. सब्जी, फल, अनाज, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीदीबिक्री के लिए यहां भीड़ उमड़ती है. लेकिन नियोजित बाजार स्थल उपलब्ध होने के बावजूद दुकानदारों द्वारा सड़क पर ही दुकानें सजाने से स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है. सड़क के दोनों किनारों पर अतिक्रमण के कारण मार्ग संकरा हो जाता है. इससे वाहनों का आवागमन अत्यंत कठिन हो जाता है.
बस, ट्रक, दोपहिया और चौपहिया वाहनों को इस मार्ग से गुजरते समय काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. कई बार लंबा यातायात जाम लग जाता है, जिसमें नागरिकों को घंटों तक फंसे रहना पड़ता है. आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड के लिए भी रास्ता बनाना मुश्किल हो जाता है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है.
इस मार्ग का उपयोग बड़ी संख्या में स्कूल और कॉलेज के छात्रछात्राएं भी करते हैं. बाजार की भीड़ और वाहनों की अव्यवस्थित आवाजाही के बीच रास्ता निकालना उनके लिए जोखिम भरा बन गया है. अभिभावकों में भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है.
जिप द्वारा साप्ताहिक बाजार के लिए अलग स्थान निर्धारित किया गया है. इसे ठेकेदारी पद्धति से दिया गया है. इसके बावजूद बाजार सड़क पर ही लगाया जा रहा है. आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित प्रशासनिक प्रणाली इस नियम के उल्लंघन को नजरअंदाज कर रहे हैं. इतना ही नहीं, सड़क पर बैठने वाले विक्रेताओं से शुल्क वसूली भी की जा रही है, जिससे व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
नागरिकों का कहना है कि यह केवल यातायात का मुद्दा नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा और जीवन से जुड़ा गंभीर विषय है. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल हस्तक्षेप कर साप्ताहिक बाजार को निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए और सड़क पर हो रहे अतिक्रमण को हटाया जाए. यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो नागरिकों ने तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है.