

गोंदिया जिले के 83,283 राशन कार्डधारकों को दिवाली पर 'आनंद का राशन' मिलने को लेकर अनिश्चितता है।
पिछले वर्षों में किट में शक्कर, खाद्य तेल, रवा, चना दाल, मैदा और पोहा दिया जाता था।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार, इस बार खर्च के प्रस्ताव के लिए अब तक निर्देश नहीं मिले हैं।
सूखे और महंगाई के बीच गरीब परिवारों को राहत देने की मांग उठ रही है।
Maharashtra Anand ka Ration: महाराष्ट्र राज्य सहित गोंदिया जिले में सूखे की गंभीर स्थिति के बीच इस बार दिवाली पर गरीबों को 'आनंद का राशन नहीं मिलेगा, आर्थिक तंगी के चलते राज्य सरकार ने इस योजना के तहत राशन वितरित नहीं करने का निर्णय लिया है। ऐसे में योजना केवल कागजों तक सीमित रह गई है। दिवाली जैसे त्योहार पर जिले के 83283 राशन कार्ड धारकों को महंगाई की मार झेलनी पड़ सकती है।
सरकार ने 4 अक्टूबर 2022 को दिवाली पर 'आनंद का राशन' देने का निर्णय लिया था। इसके तहत अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता वाले परिवारों के लाभार्थियों को इसका लाभ दिया गया।
जिले के केसरिया (एपीएल) राशनकार्डधारक किसानों को भी इस किट का वितरण किया गया था। इस किट में एक किलो शक्कर, एक लीटर खाद्य तेल तथा रवा, चना दाल, मैदा और पोहा 500-500 ग्राम शामिल थे। इस तरह कुल छह वस्तुएं लाभार्थियों को दी जाती थीं।
आनंद का राशन वितरित करने के लिए सरकार को हर बार निधि उपलब्ध करानी पड़ती है। योजना लागू करने के निर्देश मिलने के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से मंत्रिमंडल के समक्ष खर्च का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाता है।
इस बार अब तक कोई निर्देश नहीं मिलने के कारण मंत्रिमंडल के समक्ष खर्च का प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया गया है। खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
गोंदिया जिले के अधिकांश हिस्सों में इस समय सूखे की गंभीर स्थिति बनी हुई है। ऐसे में यदि राज्य सरकार दिवाली पर आनंद का राशन नहीं देना चाहती, तो कम से कम सूखा राहत के तहत गरीबों की सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
सरकार ने किसानों को 5 हजार रु देने और सूखा प्रभावितों के लिए निधि की कमी नहीं होने देने की बात कही थी। ऐसे में गरीब परिवारों को त्योहार पर राशन किट से वंचित रखने का कारण सरकार को स्पष्ट करना चाहिए, ऐसी मांग की जा रही है।
इस दिवाली से आनंदा राशन मिलेगा या इस वर्ष दिवाली से पहले' आनंद का राशन मिलेगा या प्राप्त नहीं हुआ है। इसलिए फिलहाल कुछ कहना मुश्किल है। वर्तमान में राशन दुकानों पर साड़ियां पहुंची हैं, लेकिन आनंद का राशन' अब तक नहीं आया है।
- प्रकाश पाटिल, जिला आपूर्ति अधिकारी
नीव सूखे और आर्थिक संकट बीच दिवाली के ऐन मौके पर गरीबों के मुंह से निवाला छीन लिया गया है।
- सुरेश साठवने, झांगिया