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नागपुर जिले में पिछले दो महीनों में केवाईसी और अन्य कारणों से हजारों अपात्र राशन कार्डधारक परिवार सूची से बाहर होने का दावा किया गया है।
इसके बावजूद सरकारी आंकड़ों में कई जोनल कार्यालयों में गेहूं और चावल का उठाव बढ़ने की बात सामने आई है।
ऑनलाइन सेवा बंद होने से अनाज ले जाने वाले वाहनों की लोकेशन ट्रैक नहीं हो पा रही है।
वर्ष 2024 के राशन वितरण में कथित अनियमितता को लेकर ACB तक शिकायत पहुंचने का दावा किया गया है।
Nagpur Grain Distribution Irregularity: नागपुर जिले में पिछले दो महीनों में नागपुर के अन्न व नागरिक आपूर्ति विभाग में केवाईसी और अन्य कारणों से हजारों अपात्र कार्डधारक परिवार लाभार्थी सूची से बाहर चुके हैं, ऐसे में राशन विभाग में अनाज का उठाव भी काम होना चाहिए था लेकिन चौकाने वाली बात यह है सरकारी आकड़ों में गोदामों से गेंहू और चावल का उठाव लगभग सभी जोनल कार्यालयों में बढ़ गया है।
इससे सरकारी अनाज के वितरण को लेकर संदेहास्पद स्थिति बनती दिख रही है। इससे जोनल अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे है। बता दें की पिछले दो महीने से राशन विभाग में इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण अनाज की आपूर्ति की बिल्टी कागज पर ही तैयार की जा रही है। ऑनलाइन सेवा बंद होने से अनाज लादकर दुकानों पर ले जाने वाले वाहनों की लोकेशन भी ट्रैक नहीं हो रहे हैं।
नागपुर शहर राशन विभाग में अनाज वितरण में बांधली की शिकायते कई बार उठती रही है। एक मामले में विभागीय आयुक्त ने जांच के आदेश भी किये थे। इतना ही नहीं, वर्ष 2024 के एक राशन वितरण में घांधली के मामले को आरटीआई में हुए खुलासे के आधार पर पेटी कराशन ब्यूरो (SB) के पास तक शिकायत हुई है।
हालांकि एस्रीषी ने मामले संज्ञान अरब लेते हुए कुछ दिन पहले ही संबंधित शिकायतकर्ता को बुलाकर पूछताछ की लेकिन अब देखना यह है की ऑनलाइन सेवा ाथ होने के बीच बीते 2 महीने शहर राशन विभाग में सरकारी आकड़ों में दिख रही पांवली के मामले की क्या जिला प्रशासन निष्पक्ष फिजिकल ऑडिट करापा या फाइलों को दबा दिया जाएगा।
नागपुर शहर राशन विभाग में अनाज वितरण में अनियमितता और विभाग की उदासीनता का मामला गंभीर है। इस मामले की पूरी जांच की जाएगी, जिला प्रशासन जल्द ही इस मामले को देखेगा।
- कुमार आशीर्वाद, जिलाधिकारी नागपुर