Gondia News: मनरेगा के तहत ग्राम रोजगार सेवक पंचायत स्तर पर विभिन्न कार्यों का संचालन करते हैं. इनमें मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना, उपस्थिति दर्ज करना और विकास कार्यों का प्रबंधन शामिल है. 3 अक्टूबर 2024 को सरकार द्वारा 10,000 रु. मासिक मानधन, नेट पैक और यात्रा भत्ता देने का निर्णय लिया गया था, लेकिन 18 महीने बाद भी इसे लागू नहीं किया गया है. जिससे ग्राम रोजगार सेवकों में असंतोष है. इस संबंध में ग्राम रोजगार सेवकों ने उपविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जब तक इन सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, वे नरेगा का काम नहीं करेंगे, ऐसी चेतावनी दी है.
साथ ही सरकार निर्णय को तुरंत लागू करे और मानधन सीधे उनके खातों में जमा करें, ऐसी मांग की गई है. ज्ञापन में बताया कि, मनरेगा मजदूरों को पूरे वर्ष काम उपलब्ध कराना, उपस्थिति अभिलेख तैयार करना और पंचायत समिति को प्रस्तुत करना तथा लगभग 265 प्रकार के कार्य जैसे कि पगडंडी मार्ग, सिंचाई कुएं, पौधारोपण, घरकुल योजनाएं और तालाबों का गहराईकरण आदि काम शामिल हैं. एनएमएमएस ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में तकनीकी दिक्कतें आ रही है. लेकिन समस्या को हल नहीं किया जा रहा है.
प्रतिनिधि मंडल में ग्राम रोजगार सेवक संगठन के तहसील अध्यक्ष अरविंद कापगते, उपाध्यक्ष चोपराम पंधरे, सचिव नेमीचंद ब्राह्मणकर, लालचंद मारगाये, सचित मेश्राम, असिन वासनिक, उद्धव झोडे, जागेश्वर वलथरे, विलिन बडोले, देवकुमार हटवार, प्रशांत तागड़े व पदाधिकारियों का समावेश था.ऑनलाइन उपस्थिति में आ रहीं दिक्कतेंएनएमएमएस ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं. साथ ही, अंशकालिक कार्य होने के कारण सेवकों को अन्य कार्य भी करने पड़ते हैं.तकनीकी समस्याएं दूर करने की मांग10,000 रु. मासिक भुगतान सुनिश्चित करने, इंटरनेट पैक और यात्रा भत्ता देने, मानधन सीधे बैंक खाते में जमा करने, एमएमएस ऐप की तकनीकी समस्याएं दूर करने की मांग का समावेश है. सेवकों ने चेतावनी दी है कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर वे कार्य का बहिष्कार करेंगे.