1.62 लाख लोगों की होगी जांच, गोंदिया के 263 गांवों में कुष्ठरोग सर्वेक्षण अभियान तेज

Health Department Campaign: गोंदिया जिले को कुष्ठरोग मुक्त बनाने के लिए 'जीरो कुष्ठरोग गांव' सर्वेक्षण अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत 263 गांवों के 1,62,998 लोगों की शारीरिक जांच की जा रही है।
Zero Lepressy Village Survey
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
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Gondia Zero Lepressy Village Survey Campaign: कुष्ठरोग उन्मूलन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए गोंदिया जिले में 'जीरो कुष्ठरोग गांव' सर्वेक्षण अभियान आधिकारिक तौर पर शुरू किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में कुष्ठरोग को खत्म करना और छुपे हुए मरीजों का पता लगाकर उनका समय पर इलाज करना है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ। अभिजीत गोल्हार के दृढ़ नेतृत्व और मार्गदर्शन में जिला स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान की सावधानीपूर्वक योजना बनाई है।

इस विशेष अभियान के तहत गोंदिया जिले के 'शून्य कुष्ठरोग' वाले कुल 263 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों के 1,62,998 नागरिकों की घर-घर जाकर शारीरिक जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमें हर परिवार में जाकर संदिग्ध मरीजों की तलाश कर रही हैं। इस सर्वेक्षण अभियान के दौरान प्रारंभिक जांच में जिले में 2 नये कुष्ठ रोगी पाए गए हैं। क्योंकि इन दोनों रोगियों का निदान समय पर किया गया था, इसलिए उन्हें तुरंत दवा देना शुरू कर दिया गया था।

योजना के लिए बैठकें व समन्वय

अभियान के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए डॉ. अभिजीत गोल्हार के मार्गदर्शन में तहसील चिकित्सा अधिकारियों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई है। इसमें अभियान के उद्देश्यों, कुष्ठरोग के संदिग्ध लक्षणों और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन शामिल था। तहसील व जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारी सीधे अभियान की निगरानी और समन्वय कर रहे हैं।

शीघ्र निदान ही अच्छा इलाज

गोंदिया जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिजीत गोल्हार ने कहा है कि "गोंदिया जिले को कुष्ठरोग मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है। हम 'शून्य कुष्ठरोग गांव' अभियान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक तक पहुंच रहे हैं। नागरिकों को अपने शरीर पर किसी भी संदिग्ध धब्बे या लक्षण को छिपाए बिना निरीक्षण दल के साथ सहयोग करना चाहिए। इस बीमारी का शीघ्र निदान ही सबसे अच्छा इलाज है।"

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