Gondia Leopard Attack News: गोंदिया जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प से सटे गांवों में दहशत का माहौल है। शुक्रवार, 10 अप्रैल को एक ही दिन दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की जान चली गई, जिससे क्षेत्र में भय और आक्रोश दोनों बढ़ गया है।
अर्जुनी मोरगांव तहसील के आदर्श धाबेटेकड़ी गांव में शुक्रवार शाम अपने घर के पास खेल रहे 6 वर्षीय प्रज्ज्वल गोवर्धन मेश्राम पर घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। तेंदुआ बच्चे को घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया।
परिवार और ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ कुछ दूरी पर बच्चे को छोड़कर भाग गया। तत्काल सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें प्रज्ज्वल गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला, लेकिन उसकी मृत्यु हो चुकी थी। घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने तेंदुए को तत्काल पकड़ने की मांग की है।
इसी दिन सड़क अर्जुनी तहसील के माहुली गांव के पास सौंदड़ जंगल परिसर में 60 वर्षीय लक्ष्मीबाई हेमराज सयाम पर बाघ ने हमला कर दिया। वह खेत में मक्का फसल का काम कर रही थीं। हमले में उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए ग्रामीण अस्पताल भेजा गया। वन विभाग ने परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है।
ग्रामीणों के अनुसार, सौंदड़, बोपाबोड़ी, शिंदीपार, भादुटोला और राका क्षेत्र में एक बाघ पिछले कई महीनों से सक्रिय है। खेतों और गांवों के समीप उसकी आवाजाही लगातार देखी जा रही है, जिससे लोगों में डर व्याप्त है। हाल के दिनों में गोरेगांव तहसील में एक किसान की जान जा चुकी है, जबकि तिरोड़ा तहसील में भी तेंदुए द्वारा एक बच्चे को उठाकर ले जाने की घटना सामने आ चुकी है।
वन विभाग के अनुसार, तेंदुए और बाघ को पकड़ने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। वन परिक्षेत्र अधिकारी मिलिंद पवार ने बताया कि हमले के तरीके से तेंदुए की पुष्टि हुई है और उसे पकड़ने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग ड्रोन, पिंजड़े और अन्य आधुनिक साधनों का उपयोग कर जल्द से जल्द इन वन्यजीवों को काबू में करे, ताकि आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।