

Gondia Road Safety Campaign: गोंदिया जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या कम करने के लिए दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाकर तत्काल प्रभावी प्रतिबंधात्मक उपाय किए जाएं। यह निर्देश जिलाधिकारी मंदार पत्की ने जिलाधिकारी कार्यालय के सभागृह में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक में दिए।
इस अवसर पर सार्वजनिक निर्माण विभाग क्र।1 के कार्यकारी अभियंता बलवंत रामटेके, सार्वजनिक निर्माण विभाग क्र.2 के कार्यकारी अभियंता एस.डी. उसेंडी, उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी विलास चौधरी, यातायात पुलिस निरीक्षक नागेश भास्कर, जिला परिषद सार्वजनिक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता जितेंद्र सोरले, विद्युत विभाग के उपअभियंता हेमंत सिरिया तथा एसटी महामंडल के व्यवस्थापक येतीश कटरे प्रमुखता से उपस्थित थे।
जिलाधिकारी पत्की ने जिले के ब्लैक स्पॉट और दुर्घटनाप्रवण स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक स्थानों पर सड़क सुधार, दिशासूचक संकेतक, रिफ्लेक्टिव टेप, पथदीप तथा अन्य सुरक्षा उपाय प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं, ब्लैक स्पॉट, दुर्घटनाप्रवण स्थलों, सड़क सुधार, यातायात नियमों के पालन तथा दुर्घटनाग्रस्तों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई।
दुर्घटनाप्रवण स्थलों पर सड़कों की स्थिति, खतरनाक मोड़, चौक, दृश्यता, प्रकाश व्यवस्था और दिशासूचक संकेतकों का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार किए जाएं। साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ऐसी सूचनाएं जिलाधिकारी ने दी।
जिले में कुल 15 ब्लैक स्पॉट और 41 दुर्घटनाप्रवण स्थल (Vulnerable Spots) चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष उपाय करने की आवश्यकता जताई गई। जिलाधिकारी ने नगर परिषद को यातायात सिग्नलों पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाने के निर्देश भी दिए।
दुर्घटना पीड़ितों को शीघ्र चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों, ट्रॉमा केयर सेंटर और एंबुलेंस सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए। सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति नागरिकों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों में जागरूकता लाने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाए। सड़क सुरक्षा कक्ष और सड़क सुरक्षा रथ के माध्यम से जनजागृति अभियान को अधिक प्रभावी बनाया जाए, ऐसा भी जिलाधिकारी ने कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि रोकने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। दुर्घटना होने के बाद उपाय करने के बजाय दुर्घटनाएं न हों, इसके लिए प्रतिबंधात्मक उपायों को प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, ब्लैक स्पॉट और दुर्घटनाप्रवण स्थलों पर किए जाने वाले उपाय, सड़क सुधार व रखरखाव, चिकित्सा सेवाएं, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन, जनजागृति, सड़क सुरक्षा कक्ष, सड़क सुरक्षा रथ, रिफ्लेक्टिव टेप तथा सड़क सुरक्षा प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।