Gondia Paddy Milling News: गोंदिया जिला मार्केटिंग फेडरेशन और आदिवासी विकास महामंडल के तहत सरकारी धान खरीदी केंद्र से समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जाता है। खरीदे गए धान को राइस मिलर्स से मिलिंग करके सरकारी गोदाम में जमा किया जाता है और सीएमआर चावल सरकारी गोदाम में जमा किया जाता है, लेकिन गोदामों की ठीक से व्यवस्था न होने और कम क्षमता के कारण सरकारी धान की मिलिंग संकट में है।
जबकि राइस मिलर्स को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 202526 में जिला मार्केटिंग फेडरेशन व आदिवासी विकास महामंडल ने जिले में 32 लाख क्विंटल धान खरीदा है। इसमें से काफी धान अभी भी कई सरकारी धान खरीदी केंद्रों पर खुला पड़ा है। सरकारी धान खरीदी केंद्र पर खरीदे गए धान को मिलिंग करने के लिए जिला आपूर्ति विभाग के तहत 300 राइस मिलर्स से एग्रीमेंट किए गए थे।
इसके बाद एग्रीमेंट करने वाले राइस मिलर्स ने बैंक गारंटी जमा करके मिलिंग करने के लिए धान उठा लिया। धान की मिलिंग हो जाने के बाद चावल को सरकारी गोदाम में जमा करने की तैयारी की गई। इसके बाद 17 मार्च तक जिले के 10 सरकारी गोदामों में 1500 मीट्रिक टन चावल जमा कर दिया गया। सरकारी गोदाम की क्षमता मिलिंग चावल की क्षमता के मुकाबले कम होने के कारण चावल के मिलिंग में देरी हो रही है।
एक लॉट 220 क्विंटल उतारने में काफी समय लगने के कारण राइस मिलर्स को हॉल्टिंग चार्ज का आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। इसलिए मांग की गई है कि सरकार इस बोझ का भुगतान करे।
प्रक्रिया की रुकावटें दूर करने की जरूरत पिछले वर्ष सरकारी धान खरीदी केंद्र पर खरीदे गए 3 लाख क्विंटल, खरीफ सीजन में खरीदे गए 32 लाख क्विंटल और रबी सीजन में खरीदे गए करीब 15 लाख क्विंटल समेत कुल 50 लाख क्विंटल धान मिलिंग का सवाल है। उल्लेखनीय है कि कस्टम मिलिंग पूरी होने में 2028 तक का समय लग सकता है।
इससे बड़ी मात्रा में धान खराब होने और कमी बढ़ने की संभावना है। सरकार को गोदामों की संख्या बढ़ाने और हर दिन ज्यादा चावल के लॉट लेने की जरूरत है। इस प्रक्रिया की कई रुकावटों को भी दूर करने की जरूरत है।
सरकार को गोदामों की संख्या बढ़ाकर कस्टम मिलिंग प्रक्रिया को आसान बनाने की जरूरत है। नहीं तो चावल का बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, सरकारी धान खरीदी में भी दिक्कत आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए, सरकार को कस्टम मिलिंग चावल लेने की प्रक्रिया तेज करना चाहिए।
महेश अग्रवाल, सचिव, राइस मिलर्स एसोसिएशन, गोंदिया।
धान बिक्री के लिए ऑनलाइन पंजीयन शुरू किसानों से योजना का लाभ लेने की अपीलगोंदिया, ब्यूरो। सरकार ने सरकारी आधारभूत धान खरीदी योजना के तहत रबी मार्केटिंग सीजन 202526 में धान बेचने के लिए 1 से 30 अप्रैल तक अधिकृत पोर्टल पर किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण करने का निर्देश दिया है।
जिले के सभी धान उत्पादक किसान सरकार द्वारा दी गई अवधि यानी 30 अप्रैल तक धान बेचने के लिए तहसील के नजदीकी सरकारी धान खरीदी केंद्र पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करें, साथ ही ऑनलाइन पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज जैसे ऑनलाइन 7/12 उतारा और रबी पणन मौसम 202526 फसल बुआई रिकॉर्ड का नमुना 8, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, यदि सामूहिक 712 उतारा हैं, तो अन्य व्यक्तियों का सहमति पत्र और आधार कार्ड आदि लेकर आना होगा।
जिला पणन अधिकारी वी. एस। इंगले ने अधिकतम किसानों से सरकार की धान खरीदी योजना का लाभ लेने की अपील की है।