Gondia OBC Hostel Water Crisis News: गोंदिया स्थानीय ओबीसी छात्रावास में पिछले 10 दिनों से पीने के पानी का संकट गहरा गया है। पानी के लिए छात्रावास के छात्र संघर्ष कर खरीदकर पानी पी रहे है।
छात्रों ने बताया कि पानी की समस्या के अलावा ऐसी कई समस्या है, जो पिछले कई महीनों से यहां के छात्रों को सहन करना पड़ रहा है। जिस वजह से शिक्षा पर विपरीत परिणाम भी पड़ रहा है। पानी तथा अन्य बुनियादी समस्या हल नहीं की गई तो जिलाधीश कार्यालय के सामने आंदोलन की चेतावनी भी छात्रों ने दी है।
इस दौरान ओबीसी अधिकार मंच के संयोजक खेमेंद्र कटरे, कैलाश भेलावे, युवा बहुजन मंच अध्यक्ष सुनिल भोंगाडे आदि उपस्थित थे। बताया गया कि गोंदिया के कुड़वा में इतर मागास बहुजन कल्याण विभाग द्वारा संचालित इतर मागास वर्ग विमुक्त जाति, भटकी जमाती व विशेष मागास प्रवर्ग के छात्रों के लिए सरकारी छात्रावास संचालित है।
जहां पर कक्षा 12 वीं के बाद आगे की पढ़ाई करने वाले 71 छात्र निवास करते है। शासन की ओर से लाभार्थी छात्रों को प्रति माह निर्वाह भत्ता व भोजन खर्च दिया जाता है। जिस इमारत में छात्रावास चल रहा है उस छात्रावास की पानी की बोरवेल पूर्ण रूप से सूख गई है।
जिस वजह से पिछले 10 दिनों से जलसंकट गहरा गया है। मजबुरन छात्रों को खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है। जिसे देखते हुए प्रशासन ने टैंकर की सुविधा उपलब्ध कराई है, लेकिन एक ही बार टैंकर आने से पानी की समस्या बनी रहती है। दूसरी मंजिल पर बकेट से पानी स्वयं छात्रों को ले जाना पड़ता है।
ये तो पानी की समस्या है, लेकिन इसके अलावा अनगिनत समस्या है, जिसमें प्रमुखता से इमारत मालिक ने प्रसाधन गृह में खोदकाम किया है। उधारी पर भोजन की व्यवस्थाइमारत परिसर में गटर में गंदगी भरी रहने से पूरा परिसर बदबूदार हो गया है। विद्युत बारबार खंडित होने से बिजली की समस्या बनी रहती है।
तेज गर्मी होने के बाद भी शासन की ओर से कूलर की व्यवस्था नहीं की गई है। मजबूरन छात्रों को ही कूलर खरीदना पड़ रहा है। पिछले जुलाई 2025 से निर्वाह भत्ता नहीं दिया गया है। वहीं भोजन भत्ता एकएक माह के बाद दिया जाता है।
जिस वजह से उधारी पर भोजन की व्यवस्था करना पड़ रहा है। पानी तथा उपरोक्त बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई तो मजबूरन छात्र जिलाधीश कार्यालय के सामने आंदोलन करेंगे। ऐसी चेतावनी भी छात्रों ने दी है।
सुविधा उपलब्ध कराने में असफलशासन ने छात्रों के लिए छात्रावास तो शुरू किए है, लेकिन सुविधा उपलब्ध कराने में असफल साबित हुई है। पानी के अलावा अनेक बुनियादी सुविधाओं से छात्रों को वंचित रहना पड़ रहा है।
पानी तथा छात्रों की अन्य समस्या हल नहीं की गई तो जिलाधीश कार्यालय के सामने ओबीसी संगठन के नेतृत्व में आंदोलन किया जाएंगा। हालांकि उपरोक्त समस्या समाज कल्याण उपायुक्त को अवगत कराई गई है। समस्या हल करने का आश्वासन दिया है।
खेमेंद्र कटरे, संयोजक, ओबीसी अधिकार मंच0छात्रावास इमारत बेचने का लगा फलकजिस इमारत में किराये से छात्रावास चलाया जा रहा है, उस इमारत पर इमारत बेचने का फलक भी इमारत मालिक ने लगा दिया है।
जिससे अब सवाल यह उत्पन्न हो रहा है कि, यदि इमारत बिक गई तो छात्रावास के छात्र कहां जाएंगे। जबकि छात्रावास के गृहपाल एम.जी. गिरी ने बताया कि, डेढ़ वर्ष से इस इमारत में छात्रावास शुरू किया गया है। जिसका करारनामा 3 वर्ष तक का है।