गोंदिया: 18 गांव एनएनटीआर में शामिल होने की तैयारी, ग्रामीणों में संभ्रम और आजीविका को लेकर चिंता

Gondia Tiger Reserve: गोरेगांव के 18 गांवों को नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प के अधीन करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। ग्रामीण अपने पारंपरिक अधिकारों और रोजगार को लेकर चिंतित और आशंकित हैं।
Eighteen villages in Goregaon are set to come under the control of NNTR Tiger Reserve. While authorities aim for wildlife safety, villagers fear a loss of forest rights.
गोंदिया नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र
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Gondia Forest Department News: गोंदिया जिले के गोरेगांव वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 18 गांवों को जल्द ही नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प (एनएनटीआर) के नियंत्रण में सौंपा जाने वाला है। इस संबंध में शासन स्तर पर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

लेकिन इसे लेकर ग्रामीणों में संभ्रम की स्थिति बनी है। ग्रामीणों को आशंका है कि, इस बदलाव से उनके आजीविका के साधनों पर असर पड़ सकता है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में इन गांवों पर प्रादेशिक वन विभाग का नियंत्रण है, जबकि भौगोलिक दृष्टि से यह क्षेत्र पहले से ही नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र आरक्षित के बफर जोन में आता है।

गोरेगांव तहसील का लगभग आधा हिस्सा इस बफर क्षेत्र में शामिल है। जंगलों से सटे होने के कारण यहां के कई ग्रामीण गौण खनिज और अन्य वन आधारित गतिविधियों से रोजगार प्राप्त करते हैं। उल्लेखनीय है कि, वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए शासन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि बफर जोन के इन गांवों को सीधे व्याघ्र प्रकल्प के प्रबंधन में लाया जाए। बफर जोन क्षेत्र में 18 ग्रामों का समावेश किया गया है,

जिसमें पिडंकेपार, हीरापुर, जांभुलपानी सोदलागोंदी, गराडा, मुंडीपार, पालेवाड़ा, पांगोली, मुरदोली, जांभड़ी, घुमर्रा, कलपाथरी, तेलनखेडी, लेंडेझरी, धानुटोला, वागडबंद, गिरोला, आसलपानी, बोडुंदा का समावेश है। विभाग का मानना है कि इससे न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र में समग्र विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।

ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ी, पारंपारिक अधिकार होंगे सीमित

शासन के इस निर्णय से गोंदिया ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैं। उनका कहना है कि व्याघ्र आरक्षित के नियंत्रण में आने के बाद जंगल से जुड़े उनके पारंपरिक अधिकार सीमित हो सकते हैं। इससे रोजगार के मौजूदा साधनों पर भी असर पड़ सकता है। जबकि विभाग का कहना है कि, नागझिरा अभयारण्य के नियंत्रण में आने से इस क्षेत्र का फायदा ही होंगा। इससे ग्रामीणों के लिए नए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

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