गोंदिया में बदला ट्रेंड: डीएड छोड़ नर्सिंग बनी पहली पसंद, सरकारी व निजी क्षेत्रों में बढ़ी मांग

Gondia News: गोंदिया में लड़कियां अब शिक्षक के बजाय नर्सिंग में करियर बना रही हैं। बेहतर वेतन और अस्पतालों में बढ़ती मांग के कारण यह क्षेत्र स्वरोजगार का बड़ा माध्यम बना है।
godia-574
Published on
Updated on

Gondia Nursing Career News: गोंदिया पहले लड़कियों में डीएड करने के बाद शिक्षक बनने की प्रवृत्ति सबसे अधिक थी। उन्होंने अब नर्सिंग में करियर की ओर रुख किया है। सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की भारी मांग है। वेतन भी पांच अंकों का होता है, इसलिए नर्सिंग को परिवार के सहारे व करियर के रूप में देखा जाने लगा हैं।

पहले लड़कियों की किस्मत चूल्हे और बच्चे में लिपटी रहती थी। लेकिन समय के साथ एक बदलाव आया और लड़कों के साथ लड़कियां भी आने लगीं। 15 वर्षों पहले होम साइंस की ओर लड़कियां आकर्षित होती थीं। फिर वह डीएड करने के बाद शिक्षक बनने का सपना देख रही थी। लेकिन शिक्षकों की भर्ती भी रोके जाने के कारण उन्होंने डीएड भी बंद कर दिया।

अब लड़कियां नर्सिंग कोर्स की ओर रुख कर रही हैं क्योंकि गांव में ही अच्छी तनख्वाह वाली नौकरियां हैं। फिलहाल इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि किसी भी ब्रांच में पढ़ने पर भी नौकरी मिलेगी। लेकिन नर्सिंग की पढ़ाई करने के बाद सरकारी या निजी अस्पताल में नौकरी पाने का अवसर है। साथ ही कई लोग नर्सिंग में ग्रेजुएशन कर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

नर्सिंग में विशेषज्ञता रखने वालों के पास देश के साथसाथ विदेशों में भी नौकरी के अवसर हैं। इसलिए लड़कियां इस शिक्षा की ओर रुख कर रही हैं। इसके अलावा, वे नर्सिंग को तरजीह दे रहे हैं क्योंकि उन्हें गांवों में भी आसानी से नौकरी मिल सकती है।

23 वर्षों के कोर्सगोंदिया नगर परिषद की सीमा के भीतर सरकारी मेडिकल कॉलेज सहित 100 से अधिक निजी अस्पताल हैं। जिन लड़कियों ने नर्सिंग का कोर्स किया है उन्हें तुरंत नौकरी मिल रही हैं। साथ ही प्रशिक्षित नर्सों की कमी के कारण शुरुआती वेतन भी अच्छा है। राज्य भर में नर्सिंग शिक्षा प्रदान करने वाले कॉलेजों की संख्या कम है। प्रशिक्षित नर्सों और कर्मचारियों की कमी होती जा रही है।

पहले नर्सिंग केवल तीन से छह महीने का गहन कोर्स था, नहीं तो अस्पताल के अनुभव से सीखना पड़ता था। अब 23 वर्षों का नर्सिंग कोर्स शुरू किया गया है। इसलिए, कर्मचारी नर्सिंग के साथसाथ डाक्टरों में भी विशेषज्ञ हो सकते हैं।

नर्सिंग के प्रति बढ़नें के कारण सरकारी और निजी अस्पतालों में नौकरी के अवसर, सभी चिकित्सा शाखाएं और पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। नर्सिंग में डिग्री प्राप्त कर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। भविष्य में स्नातकोत्तर अध्ययन और पीएचडी करने का अवसर है। स्पेशलाइजेशन कोर्स पूरा करने के बाद विदेशों में नौकरी के अवसरों के कारण लड़कियां इस कोर्स की ओर आकर्षित होती हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com