गोंदिया में खाद की किल्लत से किसान परेशान, यूरिया-डीएपी के लिए लंबी कतारें और कालाबाजारी के आरोप

Gondia Kharif Season: गोंदिया जिले में खरीफ सीजन के दौरान यूरिया और डीएपी खाद की भारी कमी से किसान परेशान हैं। कृषि केंद्रों पर लंबी कतारें लग रही हैं।
gondia fertilizer shortage urea dap kharif farmers
गोंदिया खाद संकट- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Gondia Fertilizer Shortage: गोंदिया जिले में धान की रोपाई और खरीफ सीजन के दौरान रासायनिक खाद की गंभीर कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के सालेकसा, अर्जुनी मोरगांव व देवरी जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में यूरिया और डीएपी खाद के लिए किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

कई कृषि केंद्रों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। ऐसी स्थिति में किसानों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि जिले में खाद की कृत्रिम किल्लत पैदा कर कालाबाजारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

खरीफ सीजन में गोंदिया में यूरिया और डीएपी का संकट

जिला कृषि विभाग के अनुसार, खरीफ सीजन के लिए जिले को लगभग 65 हजार टन यूरिया की आवश्यकता है, जबकि अब तक सिर्फ 38 से 40 हजार टन यूरिया ही उपलब्ध हो सका है। यानी करीब 25 हजार टन यूरिया की कमी बनी हुई है। इसी तरह 25 हजार टन डीएपी और मिश्रित उर्वरकों की जरूरत के मुकाबले बाजार में सिर्फ 13 हजार टन खाद उपलब्ध है।

किसानों ने उठाए कालाबाजारी के आरोप

मांग और आपूर्ति के बीच भारी अंतर के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खाद के लिए मारामारी की स्थिति बनी हुई है। खाद संकट के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। केंद्र सरकार से स्वीकृत स्वाद की रैक समय पर गोंदिया और नागपुर रेलवे रैक प्वाइंट तक नहीं पहुंचने से आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमत बढ़ने से भी आपूर्ति पर असर पड़ा है।

खाद संकट से बढ़ी किसानों की चिंता

किसानों ने आरोप लगाया है कि कुछ विक्रेता यूरिया की एक बोरी देने के बदले अन्य महंगे उर्वरक खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इस प्रकार की लिंकिंग और कालाबाजारी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय पर यूरिया नहीं मिला तो धान की फसल पीली पड़ सकती है और उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है।

प्रशासन ने जल्द नई रैक पहुंचने का दिया भरोसा

कई किसानों ने बताया कि वे घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौट रहे हैं। सालेकसा क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से तत्काल पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में खाद की कमी से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। खाद संकट को लेकर किसान संगठनों में भी नाराजगी बढ़ रही है।

उनका कहना है कि यदि उचित मूल्य पर पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराई गई और कालाबाजारी पर रोक नहीं लगी, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। किसानों ने प्रशासन से कृषि केंद्रों की नियमित जांच और दोषी विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

खाद की लिंकिंग बिक्री पर होगी सख्त कार्रवाई

जिला प्रशासन ने स्थिति पर सफाई देते हुए कहा है कि यूरिया की नई रैक अगले दो से तीन दिनों में गोंदिया पहुंचने वाली है। इसके बाद अतिरिक्त खाद का स्टॉक प्राथमिकता के आधार पर सालेकसा और अर्जुनी मोरगांव क्षेत्रों में भेजा जाएगा।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अधिक कीमत वसूलने या लिंकिंग के जरिए खाद बेचने वाले कृषि केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर उनके लाइसेंस भी रद्द किए जाएंगे। प्रशासन ने किसानों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अधिकृत केंद्रों से ही खाद खरीदने की अपील की है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com