गोंदिया: शोपीस बने 41 CCTV कैमरे, अपराधियों के लिए 'सेफ जोन' बना शहर; सुरक्षा राम भरोसे, केवल 22 कैमरे ही चालू

Gondia Crime Rate News: गोंदिया शहर में लगे 63 में से 41 CCTV कैमरे रखरखाव के अभाव में बंद पड़े हैं। पुलिस की इस लापरवाही से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और नागरिकों की सुरक्षा खतरे में है।
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Gondia CCTV Cameras News: गोंदिया पिछले कुछ सालों में बेरोजगारी बढ़ने की वजह से आपराधिक प्रवृत्ति में बढ़ोतरी देखी जा रही है। गोंदिया शहर में भी चोरी, अवैध रेत यातायात और अन्य अपराधों में बढ़ोतरी हुई है। इन सभी अपराधों में आरोपियों को पकड़ने में CCTV कैमरे अहम भूमिका निभाते हैं। कुछ साल पहले शहर में 63 CCTV कैमरे लगाए गए थे। लेकिन, रखरखाव व मरम्मत की कमी की वजह से 41 कैमरे खराब हो गए हैं और अभी सिर्फ 22 कैमरे ही चालू हैं।

इससे नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। रखरखाव और मरम्मत की अनदेखी की वजह से पुलिस प्रशासन को अपराधियों पर अंकुश लगाने में सफलता नही मिल रही है। गोंदिया जिले का मुख्य बाजार और धान उत्पादक जिला है। इस शहर में दोपहिया वाहन चोरी, चेन स्नेचिंग, सेंधमारी, अवैध यातायात आम बात हो गई है।

इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस की पहल पर शहर के मुख्य चौराहे पर CCTV कैमरे लगाए गए थे। इससे हर चौराहे से आनेजाने वाले लोगों की फुटेज कैमरे में रिकॉर्ड हो रही थी। दूसरे राज्यों से आने वाले अपराधियों पर इन कैमरों से नजर रखी जा रही थी। लेकिन रखरखाव के अभाव में शहर के ज्यादातर चौराहों पर लगे कैमरे खराब हो गए हैं।

शहर में ओवरब्रिज परिसर और जयस्तंभ चौक को छोड़कर आंबेडकर चौक, नेहरू चौक, गोरेलाल चौक, गांधी प्रतिमा, रानी अवंती चौक, बालाघाट टी पॉइंट, फुलचूर नाका आदि इलाकों में लगे CCTV कैमरे खराब हालत में हैं। कैमरे पिछले कई सालों से बंद ये कैमरे पिछले कई सालों से बंद पड़े हैं। इनका रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी पुलिस विभाग की थी।

लेकिन इसके लिए निधि कहां से आएगी इस वजह से ये कैमरे बंद हैं। CCTV फुटेज का इस्तेमाल बड़े अपराध, चोरी, हत्या जैसे गंभीर अपराधों का पता लगाने के लिए किया जाता है। लेकिन, जब से ये CCTV काम नहीं कर रहे हैं, लोगों की सुरक्षा खतरे में है।

037 और MPR CCTV लगेंगे पहले शहर के जरूरी चौराहों पर 63 CCTV कैमरे लगाए गए थे। लेकिन, अभी सिर्फ 22 कैमरे ही चालू हैं। खराब कैमरों को ठीक करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन, मार्च एडिंग की वजह से कैमरे ठीक नहीं हो पाए। इन कैमरों को जल्द ही किसी निजी व्यक्ति की मदद से ठीक करवाया जाएगा।

इसके अलावा, शहर में 37 और MPR CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। जिनमें से अब तक 4 कैमरे लग चुके हैं। बाकी कैमरे भी जल्द ही लगा दिए जाएंगे। कैमरों का रखरखाव और मरम्मत अभी पुलिस विभाग कर रहा है। नागेश भास्कर, पुलिस निरीक्षक, जिला यातायात शाखा, गोंदिया। छायाचित्र 10 एपीजीओ 18

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