गोंदिया-बल्लारशाह रेलवे लाइन बनी वन्यजीवों की कब्रगाह! अब तक 125 जानवरों की मौत

Gondia News: गोंदिया-बल्लारशाह रेलवे लाइन पर अब तक 125 वन्यजीवों की मौत हुई। ताड़ोबा व नागझिरा कॉरिडोर से गुजरने वाली यह लाइन जानवरों के लिए मौत का जाल बनी, सुरक्षा उपाय अब तक अधूरे।
चंद्रपुर ट्रेन जंगली जानवरों से टकराई
ट्रेन की चपेट में आकर बाघ व अन्य वन्यजीवों की मौत (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Wildlife Deaths: गोंदिया-बल्लारशाह रेलवे लाइन वन्यजीवों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। इस रेलवे लाइन पर अब तक 125 वन्यजीवों की मौत हो चुकी है। इनमें बाघ और अन्य जानवर भी शामिल हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि इसे रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं।

गोंदिया-बल्लारशाह रेलवे लाइन ताड़ोबा-अंधारी व्याघ्र प्रकल्प, उमरेड अभ्यारण्य, कन्हांडला नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प 'कॉरिडोर' से होकर गुजरती है। यह रेलवे लाइन आगे जबलपुर और बालाघाट और फिर तेलंगाना के चांदाफोर्ट तक जाती है।

नहीं हो रहे बचाव के उपाय

इस रेलवे लाइन पर अक्सर वन्यजीवों की आवाजाही होती रहती है। इसीलिए रेलवे विभाग ने 2018 में वन्यजीवों के लिए असुरक्षित रेलवे लाइनों की एक सूची जारी की थी और उपचारात्मक उपायों के लिए सिफारिशें भी की थीं। इसमें गोंदिया-बल्लारशाह रेलवे लाइन भी शामिल थी। लेकिन अभी तक कोई उपाय नहीं किए गए हैं।

मौतों का सिलसिला जारी

गोंदिया-बल्लारशाह रेलवे लाइन पर जंगली जानवरों की मौतों का सिलसिला जारी है। वन्य जीवों के संरक्षण के लिए इस रेलवे लाइन के दोनों ओर तारबाड़, अंडरपास और अन्य उपाय किए जाने की आवश्यकता है। लेकिन इनकी अनदेखी की जा रही है। इस रेलवे लाइन पर अब तक 125 वन्य जीवों की मौत दर्ज की जा चुकी है।

हर साल इस लाइन पर लगातार वन्यजीवों की मौत हो रही है। दुर्घटना के बाद, उपाय करने की आवाज उठती है, लेकिन फिर उसे भुला दिया जाता है। कुल मिलाकर यह लाइन वन्यजीवों के लिए खतरनाक होती जा रही है।

जनप्रतिनिधियों को पहल करने की जरूरत

गोंदिया-बल्लारशाह रेलवे लाइन नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प से सटी हुई है। इस वजह से इस क्षेत्र में हमेशा जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है। यही वजह है कि रेलवे लाइन पार करते समय जंगली जानवरों की मौत हो जाती है। इसे रोकने के लिए तत्काल उपाय किए जाने की जरूरत है। जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को उठाया है और जिले के वन्यजीव प्रेमियों द्वारा बांध की मांग की जा रही है।

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