

Free Jungle Safari For School Students: वन, वन्यजीव और जैव विविधता के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल की शुरुआत की है। राज्य शासन के निर्णय के अनुसार, महाराष्ट्र के सभी व्याघ्र प्रकल्पों (Tiger Reserves) के आसपास स्थित विद्यालयों में विशेष स्कूली प्रकृति शिक्षा एवं वन्यजीव जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य लक्ष्य भावी पीढ़ी को प्रकृति के करीब लाना और उनमें पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।
इस योजना के तहत टाइगर रिजर्व के मुख्य क्षेत्र या उसकी सीमा से 2 किलोमीटर के दायरे में स्थित प्रत्येक स्कूल के विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष एक बार निःशुल्क शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा। यह सुविधा जिला परिषद, नगर परिषद तथा राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त सभी निजी विद्यालयों के छात्रों के लिए उपलब्ध होगी। विद्यार्थियों का चयन उनके संबंधित स्कूल के 'इको क्लब' के माध्यम से किया जाएगा।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों के आने-जाने की पूरी व्यवस्था संबंधित व्याघ्र प्रकल्प प्रशासन द्वारा निःशुल्क की जाएगी। इसके लिए 20 से 30 विद्यार्थियों की क्षमता वाली बस अथवा मिनी बस उपलब्ध कराई जाएगी तथा विद्यार्थियों या विद्यालयों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शकों के साथ जंगल सफारी, प्रकृति भ्रमण, नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर का भ्रमण, वन अधिकारियों व कर्मचारियों से संवाद, वन्यजीव व पर्यावरण पर आधारित शैक्षणिक फिल्मों का प्रदर्शन, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर प्रतियोगिता तथा जैव विविधता और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व से
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान छात्रों को केवल जंगल घुमाया ही नहीं जाएगा, बल्कि उन्हें एक समृद्ध शैक्षणिक अनुभव प्रदान किया जाएगा। इसमें कई प्रमुख गतिविधियां शामिल हैं।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालकों को शिक्षा विभाग, इको क्लब, शैक्षणिक संस्थानों व स्वयंसेवी संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक टाइगर रिजर्व को वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर उसमें शामिल होने वाले विद्यालयों की सूची भी निर्धारित करनी होगी।
गोंदिया और भंडारा में स्थित नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिजर्व के उपसंचालक प्रीतमसिंह कोडापे ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक नागरिक तैयार करना है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत 16 विद्यालयों में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस वर्ष इसका विस्तार करते हुए 52 विद्यालयों के लगभग 2,600 विद्यार्थियों को इसमें शामिल किया जाएगा।