चिखली का प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र दो वर्षों से बंद, ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं में भारी कठिनाई
चिखली में प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र दो वर्षों से बंद है, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं में कठिनाई हो रही है। स्थानीय लोगों ने इसे फिर से खोलने की मांग की है।
Chikhli Health Center News: चिखली का प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र पिछले दो वर्षों से बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण माताबाल देखरेख जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
ग्रामीणों को इलाज के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि उपकेंद्र को तुरंत खोला जाए। यह उपकेंद्र गरीब ग्रामीणों के लिए सरकारी स्वास्थ्य सेवा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
इस संस्था के माध्यम से वैक्सीनेशन, माताबाल स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, प्राथमिक उपचार, साथ रोग नियंत्रण और स्वास्थ्य शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
तिरोड़ा में जल संकट गहराया, पाइपलाइन के आकार से बढ़ी समस्या, 40 साल पुरानी योजना के बाद भी पानी की किल्लत
Gondia News: गोठणगांव में स्वच्छता अभियान, ग्रामीणों ने लिया हर रविवार सफाई का संकल्प
‘पत्नी की साड़ी प्रेस कर दो’, हॉस्टल से बुलाकर किशोरी से की छेड़छाड़, देवरी में पूर्व प्राचार्य की घिनौनी हरकत
विकास के दावे अधूरे, ‘उड़ान’ योजना से अब भी वंचित गोंदिया, लोग अब भी नागपुर पर निर्भर; कब मिलेगा हक?
हालांकि, पिछले दो वर्षों से बंद रहने के कारण उपकेंद्र की इमारत और सुविधाएं deteriorate हो गई हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत, इस उपकेंद्र को देखरेख और मरम्मत के लिए सालाना अनुदान दिया जाता है, लेकिन यह निधि कहां जा रही है, यह एक बड़ा सवाल है।
चिखली और आसपास के आदिवासी बहुल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता को देखते हुए, सांसद प्रफुल पटेल और विधायक राजकुमार बडोले की पहल से जनवरी 2024 में एक नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू किया गया है।
इस नए केंद्र से पांच से छह उपकेंद्र जुड़े हुए हैं, लेकिन पुराने उपकेंद्र को बंद कर दिया गया है, जिससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं में और भी कमी आई है।
