

Bhandara Gondia MLC Election: भंडारा-गोंदिया स्थानीय स्वराज्य संस्था विधान परिषद चुनाव को लेकर जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। लाखांदुर नगर पंचायत के 4 कांग्रेस पार्षदों के भाजपा में शामिल होने के बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस के एक जिला महासचिव ने दावा किया है कि यह साधारण दलबदल नहीं, बल्कि महायुति की रणनीति पर नजर रखने के लिए की गई एक राजनीतिक चाल हो सकती है। कांग्रेस के संपर्क में है नगरसेवकभाजपा में शामिल हुए पार्षदों में मुकेश उर्फ बंटी सहजानी का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। राजनीतिक हलकों में सहजानी को कांग्रेस विधायक नाना पटोले का करीबी माना जाता है।
उनके साथ तीन महिला पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। कांग्रेस के जिला महासचिव का दावा है कि भाजपा में शामिल हुए चारों पार्षद अभी भी कांग्रेस नेतृत्व के संपर्क में हैं और स्थानीय स्वराज्य संस्था चुनाव के मद्देनजर महायुति की गतिविधियों और रणनीति की जानकारी जुटाने का काम कर रहे हैं।
हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे जिले की राजनीति में नई चर्चाओं को बल मिला है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पिछली स्थानीय स्वराज्य संस्था विधान परिषद चुनाव में भी रणनीतिक समीकरणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इस बार कांग्रेस ने अपने अधिकृत उम्मीदवार के रूप में दिलीप बंसोड को मैदान में उतारा है, जबकि प्रफुल्ल अग्रवाल को कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में समर्थन मिलने की चर्चा है। वहीं महायुति ने अविनाश ब्राह्मणकर को उम्मीदवार बनाया है। उनके नामांकन के दौरान प्रफुल्ल पटेल और परिणय फुके सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
हालांकि स्थानीय स्तर पर कुछ सहयोगी दलों के नेताओं की अनुपस्थिति को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय स्वराज्य संस्था विधान परिषद चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक समीकरणों, दावों और रणनीतियों को लेकर चर्चाओं का दौर और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।