Amgaon Sheetla Mata Temple News: आमगाव धार्मिक नगरी आमगांव शहर की ग्रामदेवी मां शीतला जो सभी की झोली भरती है, इस प्राचीन व श्रद्धा के प्रमुख केंद्र शीतला माता मंदिर के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में स्वर्णीम महोत्सव वर्ष बड़े ही उत्साह और धूमधाम से मनाया गया।
इस अवसर पर भव्य चुनरी शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़कर भाग लिया। महिलाओं ने मां की करीब 300 मीटर के आसपास लंबी चुनरी लेकर भव्य शोभायात्रा निकाली।
जिसमें आमगांव शहर सहित आसपास की हजारों महिलाओं ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। शोभायात्रा की शुरुआत संतोषी माता मंदिर, तुकडोजी चौक से की गई। प्रारंभ में माता शीतला देवी की मूर्ति का विधिवत पूजन व आरती की गई।
इसके पश्चात ढोलताशों की गूंज और आतिशबाजी से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संदेशों से युक्त आकर्षक झांकियां शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण रहीं।
श्रद्धालुओं के लिए पेयजल व प्रसाद की व्यवस्था। यह भव्य शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों बनिया मोहल्ला, पुलिस थाना रोड, आंबेडकर चौक, संत जगनाडे चौक, मानकर चौक व गांधी चौक से होकर निकाली गई।
मार्ग में जगहजगह नागरिकों ने शोभायात्रा का स्वागत करते हुए पुष्पवर्षा की। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पेयजल व प्रसाद की व्यवस्था भी की गई थी। शोभायात्रा का समापन शीतला माता मंदिर परिसर में हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से महाआरती में भाग लिया।
इसके पश्चात महाप्रसाद का वितरण किया गया। आमगांव की ग्रामदेवी। इस धार्मिक आयोजन में महिला, पुरुष, युवा तथा बच्चों ने बड़ी संख्या में सहभागिता दर्ज कराई।
पूरे आमगांव शहर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला और इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक एकता का संदेश भी दिया गया। मां शीतला जो की आमगांव की ग्रामदेवी है, जिसके प्रति भक्तों की अपार श्रद्धा व भक्ती मां शीतला की चुनरी यात्रा में दिखाई दी।
2 दिन विविध धार्मिक कार्यक्रम। मां शीतला मंदिर के इस स्वर्णीम महोत्सव वर्ष पर मंदिर में दो दिनों तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था।
जिसमें मां के जागरण सहित अनेक कार्यक्रम शामिल थे। सफलतार्थ मां शीतला माता मंदिर समिति व समस्त नगरवासियों ने प्रयास किया।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित गोविंद गौतम के सानिध्य में मंदिर के पुजारी पं. अनिल गौतम, पं. भीम गौतम व पं. माधव गौतम द्वारा विधिवत पूजा, अर्चना, अभिषेक, हवन यज्ञ संपन्न कराया गया।