अकोला डीपीसी का सफल 'नियोजन पैटर्न'; 333 करोड़ की पूरी निधि खर्च; विकास कार्यों को मिलेगी अब नई रफ्तार

अकोला जिला ने 333 करोड़ रुपये का निधि सफलतापूर्वक खर्च किया, जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी।
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Akola District Planning Committee News: अकोला आर्थिक वर्ष 2025-26 के अंत तक निधि खर्च करने की आपाधापी से बचते हुए अकोला जिला नियोजन समिति (डीपीसी) ने इस वर्ष प्राप्त 333 करोड़ रुपये का पूरा निधि नियमानुसार वितरित कर दिया है। इससे जिले में विकास कार्यों को गति मिलने की संभावना बढ़ गई है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष की तरह इस बार निधि शेष रहने की स्थिति नहीं बनी।

जिले में आधारभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य विकास कार्यों के लिए शासन से प्राप्त निधि में सामान्य योजना के साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति उपयोजनाएं शामिल थीं। पिछले सप्ताह तक 312 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके थे, जबकि शेष राशि का वितरण 31 मार्च को पूर्ण कर लिया गया।

सूक्ष्म नियोजन बना सफलता का आधार

इस बार निधि वितरण में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी गई। महानगर पालिका और नगर परिषदों को 56 करोड़ रुपये, जिला परिषद को 70 करोड़ रुपये तथा स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 34 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। इसके अलावा जलसंधारण, ग्रामीण विकास और अन्य विभागों को भी आवश्यकतानुसार निधि उपलब्ध कराया गया। गत वर्ष 29 करोड़ रुपये शेष रहने से जिले की छवि प्रभावित हुई थी। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार प्रारंभ से ही सूक्ष्म नियोजन किया गया। शासन से निधि प्राप्त होते ही विभिन्न विभागों की मांग के अनुसार त्वरित वर्गीकरण किया गया, जिससे तकनीकी कारणों से निधि वापस जाने की नौबत नहीं आई।

  • जिला परिषद - 70
  • महानगर पालिका - 56
  • नगर परिषदें - 34
  • महावितरण व मेडा - 26
  • जलसंधारण विभाग - 20
  • पर्यटन व वन विभाग - 14
  • ग्रामीण विकास - 14
  • सार्वजनिक बांधकाम विभाग - 8.50
  • पुलिस विभाग - 7
  • तांडावस्ती सुधार - 1.50

इस सफल नियोजन मॉडल को ‘अकोला पैटर्न’ के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आगामी वर्षों में भी विकास कार्यों को समयबद्ध गति मिलने की उम्मीद है।

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