शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए आभा कार्ड अनिवार्य, चिकित्सा मुआवजा रोकने की चेतावनी

Gondia Teachers News : राज्य के सभी जिला परिषद और सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए अब आभा कार्ड (ABHA Card) अनिवार्य कर दिया गया है।
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Medical Reimbursement (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
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Gondia Medical Reimbursement News: शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को आभा कार्ड अनिवार्यशिक्षकों के लिए आभा कार्ड अनिवार्य नहीं बनाया तो रुक जाएगा मेडिकल रीइंबर्समेंटगोंदिया, ब्यूरो। राज्य के सभी जिला परिषदों और निजी 100 प्रश। सहायता प्राप्त माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकशिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए अब आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता यानी आभा कार्ड बनाना अनिवार्य है। शिक्षा संचालनालय ने इस संबंध में एक पत्र जारी किया है और कर्मचारियों को तुरंत आभा कार्ड तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

इसलिए, अब शिक्षकशिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए भी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता यानी आभा कार्ड बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। शासन के निर्देशानुसार सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्रियान्वित आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य की जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध कराना है। इस योजना का लाभ पाने के लिए शिक्षकशिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए आभा कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है।

गोंदिया में शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए ABHA कार्ड जरूरी

पत्र में चेतावनी दी गई है कि अगर कर्मचारी आभा कार्ड नहीं दिखाएंगे तो उनका चिकित्सा मुआवजा रोक दिया जाएगा। लिहाजा, राज्य भर के शिक्षकशिक्षकेत्तर कर्मचारियों के बीच इस फैसले की बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। शिक्षा संचालनालय ने इस संबंध में सभी विभागीय शिक्षा उपसंचालक, शिक्षाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

आभा कार्ड बनाने के लिए जरूरी लिंक और प्रक्रिया भी स्कूलों तक पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं। उक्त कार्ड प्राप्त होने के बाद ही कर्मचारियों को मिलने वाली चिकित्सा प्रतिपूर्ति दी जाएगी। कुछ लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

आभा कार्ड नहीं दिखाने पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति होगी बंद

दमनकारी भूमिका अपनाने का आरोपआभा कार्ड नहीं दिखाने पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति रोक दी जाएगी, इस शर्त से शिक्षकशिक्षकेत्तर कर्मचारियों में आक्रोश का माहौल है। कई कर्मचारियों ने यह भावना व्यक्त की है कि सरकार ने जन जागरूकता और सुविधाएं बढ़ाने के बजाय दमनकारी भूमिका अपनाई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ कर्मचारियों द्वारा चिंता व्यक्त की जा रही है क्योंकि उन्हें तकनीकी कठिनाइयों, इंटरनेट सुविधाओं और ऑनलाइन प्रसंस्करण से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए सरकार से बल की बजाय मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता मुहैया कराने की मांग कर्मचारी संघ की ओर से सामने आ रही है।

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