कागजों पर सिमटी प्लास्टिक बंदी! गोंदिया में प्लास्टिक बंदी बेअसर, बाजारों में खुलेआम उल्लंघन से बढ़ी चिंता

Gondia Pollution: गोंदिया में प्लास्टिक बंदी के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। बाजारों और मटन मार्केट में प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल जारी है, जिससे प्रदूषण और कचरे की समस्या बढ़ रही है।
Plastic ban remains ineffective in Gondia as banned carry bags are openly used in markets. Authorities face criticism for failing to enforce environmental regulations strictly.
प्लास्टिक (सो. सोशल मीडिया)
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Gondia Plastic Ban News: राज्य सरकार द्वारा प्लास्टिक बंदी किए कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन कुछ जगहों पर लोग अब भी खुलेआम प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल और बिक्री कर रहे हैं। देखा जा रहा है कि प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल और बिक्री जारी है। हालांकि शहर में कुछ जगहों पर प्लास्टिक के विकल्प के तौर पर कागज के उत्पादों का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन नगर पंचायत, प्रादेशिक प्रदूषण विभाग, खाद्य व औषधि प्रशासन जैसे संबंधित विभाग प्लास्टिक बंदी की ओर अनदेखी कर रहे हैं।

2018 में राज्य सरकार ने गुढ़ी पाड़वा के अवसर पर प्लास्टिक बंदी की घोषणा की थी। व्यापारियों और विक्रेताओं के न्यायालय में जाने के बाद सरकार ने उत्पादक व विक्रेताओं को बैन प्लास्टिक स्टॉक को खत्म करने के लिए 3 महीने का समय दिया था। तीन महीने का समय खत्म होने के बाद प्लास्टिक बंदी लागू हो गई।

आंखों के सामने नियमों का कर रहे उल्लंघन

नगर परिषद से कुछ ही दूरी पर स्थित मटन और मछली मार्केट में अब भी प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल हो रहा है। शुरुआत में मटन, चिकन और मछली बेचने वाले दुकानदार -डिब्बों पर जोर देते थे। लेकिन प्लास्टिक बैन के नियमों को नजरअंदाज करते हुए, मटन, चिकन, मछली और अंडे प्लास्टिक बैग में बेचे जा रहे हैं और कचरे में हजारों प्लास्टिक बैग देखे जा रहे हैं, जिससे पता चलता है कि प्लास्टिक बैन नाकाम हो  गया है। शहर की बेकरी और खाने पीने की दुकानें, किराना स्टोर, होटल व अन्य दुकानें प्लास्टिक बैन के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

कचरे की समस्या जल्द से जल्द हल होगी

शहर से निकलने वाले कचरे पर प्रक्रिया करने के लिए व्यवस्थापन प्रकल्प के लिए जगह की तलाश हो रही है। कुछ जगहों पर लोगों का विरोध भी हो रहा है। हालांकि, नियमित कचरा जमा किया जा रहा है। अभी, शहर से निकलने वाले कचरे पर एक निजी प्रकल्प में प्रक्रिया किया जा रहा है। गोंदिया नगर परिषद का प्रकल्प तैयार होने के बाद यह समस्या जल्द ही हल हो जाएगी। प्रशासन को साफ-सफाई और प्लास्टिक की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं- सचिन शेंडे, नगराध्यक्ष गोंदिया

दिखावा बनकर रह गई प्लास्टिक पर पाबंदी

पाबंदी शुरुआत के कुछ दिनों तक सख्ती से लागू हुई, लेकिन, व्यापारियों, उद्योगपतियों और दुकानदारों ने प्लास्टिक बैन का विरोध करना शुरू कर दिया और प्लास्टिक का विकल्प देने की मांग की। सरकार ने कुछ शर्तों पर 50 माइक्रॉन से अधिक की प्लास्टिक बैग की मंजूरी दी थी। लेकिन मंजूरी का गलत मतलब निकालकर, व्यापारियों और विक्रेताओं ने खुलेआम बैन प्लास्टिक बेचना शुरू कर दिया शहर में व्यापारी और किराना दुकानदार प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग में अनाज और मसाले बेच रहे हैं।

गोंदिया शहर के बाजारों और सब्जी मंडियों में प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि फल बेचने वालों ने प्लास्टिक बैन को ऊपरी तौर पर लागू किया है, लेकिन ग्राहकों की मांग के हिसाब से चुपके से कैरी बैग दिए जा रहे है। फूल मार्केट में भी प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल जारी है। हालांकि कुछ जगहों पर माला और फूल कागज में लपेटकर दिए जा रहे हैं, लेकिन गुलदस्ते के लिए शानदार प्लास्टिक पेपर का इस्तेमाल खुलेआम हो रहा है।

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