11 वें दिन भी विवि कर्मियों का हड़ताल जारी, नुकसान को सरकार जिम्मेदार होने का आरोप
- Written By: नवभारत डेस्क
गड़चिरोली. महाराष्ट्र राज्य महाविद्यालयीन व विद्यपीठीय सेवक संयुक्त कृति समिति द्वारा शुरू किए गए हड़ताल में गोंडवाना विवि के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए है. 28 दिसंबर को हड़ताल का 11 वां दिन पूर्ण हो गया है. बावजूद इसके सरकार द्वारा सकारात्मक भुमिका नहीं ली जा रही है. हड़ताल के चलते विवि प्रशासन का कामकाज पुरी तरह प्रभावित होकर हुए नुकसान को सरकार ही जिम्मेदार होने का आरोप आंदोलनकर्ताओं ने लगाया है.
इस दौरान आंदोलन के 10 वें दिन सरकार ने आंदोलनकर्ताओं के साथ वीसी के जरिये सभा ली. इस सभा में आश्वासित प्रगती योजना व 796 पदों को सातवों वेतन लागु करने संदर्भ में सरकार सकारात्मक होकर आंदोलन पिछे लेने की बात उच्च व तंत्र शिक्षा विभाग के उपसचिव ने के पत्र द्वारा कही गई. लेकिन ठोस निर्णय नहीं लिया गया. जिसके कारण अब की बार आरपार की लढाई करने का निर्णय लिया गया. जब तक सरकार मांगों को गंभीरता से नहीं लेगी, तब तक आंदोलन जारी रखने की बात आंदोलनकर्ताओं ने कही है.
विमाशिसं व प्राचार्य फोरम ने दिया समर्थन
विवि के आंदोलनकर्ता कर्मचारियों के आंदोलन मंडप को विदर्भ माध्यमिक शिक्षक संघ, जिला गड़चिरोली सहकार्यवाह समेत गोंडवाना विवि के अभिसभा के सदस्य अजय लोंढे ने समर्थन देकर मांगे पूर्ण करने के लिये प्रयास करने का आश्वासन दिया. वहीं विवि के प्राचार्य फोरम ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है. इस समय प्राचार्य फोरम के अध्यक्ष प्राचार्य डा. एन. एस. कोकोडे, सचिव डा. राजु मुनघाटे, डा. खालसा, डा. वरकड, डा. बुटे, डा. लाड ओर नागपुर विद्यापीठ फोरम के सचिव डा. टाले उपस्थित थे.
