गड़चिरोली में 500 से अधिक सरकारी भूखंडों पर अवैध कब्जा, SIT करेगी जांच

Gadchiroli News: गड़चिरोली में 500 से अधिक सरकारी भूखंडों पर अवैध कब्जे व निर्माण की जांच SIT करेगी। राजस्व मंत्री बावनकुले ने भूमि विवाद सुलझाने व 7/12 दुरुस्ती का अभियान शुरू करने की घोषणा की।
Illegal occupation of government land in Gadchiroli
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, गड़चिरोली कलेक्टर व अन्य (फोटो नवभारत)
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Illegal occupation of government land in Gadchiroli: गड़चिरोली जिले में 500 से अधिक सरकारी भूखंडों पर अवैध कब्जा, बिक्री और बहुमंजिला इमारतों के निर्माण की शिकायतों की जांच विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाएगी। यह जानकारी राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शुक्रवार को गड़चिरोली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। इस मौके पर सह-पालकमंत्री एड. आशीष जायस्वाल, जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, सांसद डॉ. नामदेव किरसान, विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे और पूर्व सांसद अशोक नेते मौजूद थे।

अवैध कब्जे पर सख्ती

मंत्री बावनकुले ने कहा कि सरकार ने वर्षों से चले आ रहे भूमि विवादों को सुलझाने के लिए अभियान शुरू किया है। मृत व्यक्तियों के नाम हटाकर जीवित वारसों के नाम से सीधे जनता तक 7/12 दुरुस्त किए जाएंगे। बावनकुले ने स्पष्ट किया कि 2011 पूर्व जिन गरीब लोगों ने सरकारी जमीन पर घर बनाए हैं, उन्हें हक का पट्टा देकर घरकुल योजना का लाभ दिया जाएगा। लेकिन भू-माफियाओं द्वारा सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कर भूखंड बेचने और बहुमंजिला इमारत खड़ी करने वाले 500 से अधिक मामलों की SIT जांच होगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

रेत तस्करी पर संयुक्त मोर्चा

रेत तस्करी को लेकर मिली बड़ी संख्या में शिकायतों पर भी मंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि अब इसे रोकने के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई होगी। साथ ही रेत परिवहन के नियमों में संशोधन किया गया है। घरकुल लाभार्थियों को स्थानीय स्तर पर रेत ढुलाई की छूट भी दी गई है।

जमीन की रजिस्ट्री अब किसी भी तहसील में

जमीन खरीद-फरोख्त को सरल बनाने के लिए जिले मुख्यालय पर मुद्रांक शुल्क कार्यालय शुरू करने की घोषणा की गई। अब किसी भी तहसील में जमीन की रजिस्ट्री कराई जा सकेगी। भूमि अभिलेख कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए निजी सर्वेयरों की नियुक्ति भी की जाएगी।

साथ ही यह भी तय किया गया कि आदिवासी जमीन से जुड़े 50 हजार रुपये से अधिक के लेन-देन का करारनामा केवल जिलाधिकारी के समक्ष ही होगा।

जनता दरबार और पगडंडी योजना

बावनकुले ने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक तहसील में सह-पालकमंत्री द्वारा जनता दरबार आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा गांवों में पगडंडी सड़कों की सबसे बड़ी समस्या को दूर करने के लिए छह माह में सभी पगडंडियों की मैपिंग कर काम शुरू किया जाएगा।

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