बिजली समस्या हल करें; सिरोंचा में बिजली संकट से आक्रोश, ग्रामीणों ने महावितरण को दी आंदोलन की चेतावनी
Gadchiroli News: सिरोंचा तहसील में अनियमित बिजली आपूर्ति और लो-वोल्टेज से नागरिक परेशान हैं। ग्रामीणों ने 8 दिनों में सुधार न होने पर उग्र आंदोलन और बिजली बिल न भरने की चेतावनी दी है।
Gadchiroli Mahavitaran Power Cut: महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड को गड़चिरोली जिले के सिरोंचा तहसील के नागरिकों ने बिजली समस्या को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ग्रामीणों ने इस संबंध में महावितरण के उपकार्यकारी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं और 8 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई की मांग की।
सिरोंचा तहसील में पिछले कई महीनों से बिजली आपूर्ति अत्यंत अनियमित बनी हुई है। दिनभर में बार-बार बिजली गुल होने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। नागरिकों का कहना है कि बिजली कटौती के कारण घरेलू कार्यों के साथ-साथ सरकारी कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से छात्रों की पढ़ाई पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है, क्योंकि लगातार बिजली जाने से वे पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं। वहीं अस्पतालों की सेवाएं भी बाधित हो रही हैं, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कई क्षेत्रों में कम वोल्टेज की समस्या लगातार बनी हुई है। इसके चलते घरों में उपयोग होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे फ्रिज, टीवी, कूलर, पंखे खराब हो रहे हैं। किसानों के लिए स्थिति और भी गंभीर है, क्योंकि कम वोल्टेज के कारण उनके खेतों में लगे मोटर जलने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ रहा है। व्यापारियों ने भी मशीनरी खराब होने की शिकायत करते हुए नुकसान की बात कही है।
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समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने कुछ ठोस मांगें रखी हैं। इनमें आलापल्ली से सिरोंचा तक की 33 केवी बिजली लाइन के आसपास उगी पेड़ों की टहनियों की नियमित कटाई करने की मांग शामिल है, ताकि लाइन में बार-बार आने वाली बाधाएं दूर हो सकें। इसके अलावा तेलंगाना राज्य के किष्टमेट से प्रस्तावित 132 केवी बिजली परियोजना, जो पिछले एक वर्ष से बंद पड़ी है, उसे तत्काल शुरू करने की भी मांग की गई है।
वर्तमान में क्षेत्र में भीषण गर्मी पड़ रही है और तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बिजली की अनियमित आपूर्ति ने लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। कूलर और पंखे बंद रहने से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों की स्थिति बेहद खराब हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे बिजली बिलों का भुगतान रोकने और सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
इस दौरान पार्षद सतीश राचर्लावार, पूर्व पार्षद संदीप राचर्लावार सहित कई स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
