गड़चिरोली में स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि, महिला स्वास्थ्य को नई दिशा; एक दिन में 27 सफल सर्जरी

Gadchiroli Health Services: गड़चिरोली के मुलचेरा ग्रामीण अस्पताल में 1 दिन में 27 महिलाओं की दूरबीन पद्धति से परिवार नियोजन सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। जिले में यह बड़ी स्वास्थ्य उपलब्धि माना जा रहा है।
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गड़चिरोली स्वास्थ्य सेवा, मुलचेरा अस्पताल, परिवार नियोजन सर्जरी, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Gadchiroli Mulchera Rural Hospital: गड़‌चिरोली जिले के दुर्गम तथा आदिवासी क्षेत्रों की महिलाओं को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुलचेरा ग्रामीण अस्पताल में एक ही दिन में 27 महिलाओं की 'सिंगल पंक्चर लैप्रोस्कोपिक ट्यूबल लिगेशन' अर्थात दूरबीन पद्धति से परिवार नियोजन सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। गड़चिरौली जिले तथा मुलचेरा तहसील में इस प्रकार की अत्याधुनिक सर्जरी का यह पहला बड़ा सफल प्रयोग माना जा रहा है, जो स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुआ है।

इस विशेष सर्जरी अभियान का नेतृत्व जिला शल्य चिकित्सक तथा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वर्षा लहाड़े ने किया। खास बात यह रही कि उन्होंने केवल मार्गदर्शन ही नहीं किया, बल्कि स्वयं सभी 27 सर्जरी अत्यंत कुशलता और सफलता के साथ संपन्न कीं, उनके नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम ने इस अभियान को सफल बनाया।

इस अभियान में डॉ. स्मिता सालवे ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए सर्जरी प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. समीर बनसोडे ने ऑपरेशन के दौरान आवश्यक बेहोशी सेवाएं प्रदान कर अहम जिम्मेदारी निभाई। सुंदरनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारियों ने भी पात्र महिलाओं तक पहुंचकर उनका समुपदेशन किया और उन्हें सर्जरी के लिए प्रेरित किया।

दुर्गम क्षेत्रों के लिए सेवा लाभकारी

मुलचेरा ग्रामीण अस्पताल की नर्सिंग स्टाफ, स्वास्थ्य कर्मियों तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने भी इस शिविर की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया, सभी के समन्वित प्रयासों से एक ही दिन मैं बड़ी संख्या में सर्जरी सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक की जा सकी। 'सिंगल पंक्चर' लैप्रोस्कोपिक सर्जरी आधुनिक और सुरक्षित परिवार नियोजन पद्धति मानी जाती है। इस प्रक्रिया में पेट पर केवल एक छोटा छेद कर दूरबीन की सहायता से सर्जरी की जाती है। इससे रक्तस्त्राव बहुत कम होता है, टांके नहीं लगाने पडते, दर्द कम होता है तथा मरीज जल्दी स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकते हैं। दुर्गम और आदिवासी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए यह सुविधा विशेष रूप से लाभकारी साबित हो रही है।

अन्य तहसीलों में भी होंगे शिविर- डॉ. लहाडे

इस संदर्भ में जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाडे ने बताया कि महिलाओं को सुरक्षित, प्रभावी और कम कष्टदायक परिवार नियोजन सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य है। मुलचेरा में मिले उत्साहजनक प्रतिसाद के बाद भविष्य में जिले के अन्य तहसीलों में भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे।

मुलचेरा ग्रामीण अस्पताल के इस सफल उपक्रम के बाद अच पूरे गडचिरोली जिले में 'सिंगल पंक्चर लैप्रोस्कोपिक' परिवार नियोजन सर्जरी शिविरों का विस्तार करने की योजना बनाई गई है। स्वास्थ्य प्रशासन ने जानकारी दी है कि जिले के प्रत्येक दुर्गम एवं आदिवासी क्षेत्र की महिलाओं तक यह आधुनिक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

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