

गड़चिरोली: शुक्रवार को राज्य के मुख्यमंत्री तथा जिले के पालकमंत्री गड़चिरोली जिले के दौर पर आए थे। इस दौरान उनकी उपस्थिति में जिला पुलिस मुख्यालय स्थित शहीद पांडु आलाम सभागृह में करीब 13 समर्पित जोड़ों का सामुहिक विवाह रचाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, सहपालकमंत्री एड. आशीष जयस्वाल, एलएमईएल के प्रबंध संचालक बी. प्रभाकरन, विधायक धर्मरावबाबा आत्राम, विधायक डा. मिलिंद नरोटे, पुलिस उपमहानिरीखक (नक्सल विरोधी अभियान) अंकित गोयल, जिला पुलिस अधिक्षक नीलोत्पल समेत अन्य अधिकारी वर्ग उपस्थित थे।
लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड (एलएमईएल) न केवल गड़चिरोली जिले को हरा-भरा बना रहा है और 'ग्रीन स्टील' के भारतीय सपने को साकार करने पर काम कर रहा है, बल्कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के जीवन में खुशी का सूचकांक भी बढ़ा रहा है। गड़चिरोली पुलिस मुख्यालय के पांडु आलाम सभागृह में शुक्रवार को गड़चिरोली पुलिस के 'प्रोजेक्ट संजीवनी' के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का सामुहिक विवाह रचाया गया। विशेषत: अब तक एलएमईएल में करीब 65 समर्पितों को रोजगार उपलब्ध करा दिया गया है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के सामूहिक विवाह समारोह पर सीएम ने कहा, "आज सामूहिक विवाह समारोह में 13 जोड़े जो पहले नक्सली थे, उनकी शादी हुई। उन्होंने न केवल आत्मसमर्पण किया बल्कि मुख्यधारा में भी शामिल हुए।"
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "आज, 1 करोड़ रुपये से अधिक के इनाम वाले करीब 12 नक्सलियों ने मेरे सामने आत्मसमर्पण किया। यह नक्सलवाद के लिए एक बड़ा झटका है। माओवाद की कमर टूटी है। नक्सली अब मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं। मेरा मानना है कि यह एक महत्वपूर्ण घटना है। आज राज्य में बहुत कम नक्सली बचे हैं। मैं उनसे आत्मसमर्पण करने का आग्रह करता हूं। अगर वे आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"
समर्पितों का सामुहिक विवाह सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों नवदप्मतियों को जीवनाश्यक सामग्री का वितरण किया गया। वहीं मुख्यमंत्री ने लॉयड्स मेटल के कार्य की सराहना करते हुए कहां कि, कंपनी ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को प्रशिक्षण दिया और उन्हें रोजगार मुहैया कराया, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा।
एक तरफ महाराष्ट्र सरकार के पास नक्सलियों के आत्मसमर्पण को लेकर नीति है, तो दूसरी तरफ लॉयड्स जैसे उद्योग उनके पुनर्वास में योगदान दे रहे हैं। भविष्य में हम गड़चिरोली जिले को स्टील हब के साथ-साथ रोजगार संपन्न जिला भी बनाना चाहते है, ऐसी बात उन्होंने कही।
एलएमईएल के प्रबंध निदेशक बी। प्रभाकरण ने कहा कि, समान अवसर प्रदान करने वाले नियोक्ता के रूप में एलएमईएल ने गड़चिरोली जिले में कंपनी में विभिन्न पदों पर काम कर रहे 65 आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार दिया है। एलएमईएल पूर्वी महाराष्ट्र में प्रमुख परिवर्तनकारी परियोजना खड़ी कर रहा है।
एलएमईएल ने इन आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के जीवन में एक नया सवेरा लाया है। हम उनकी खुशी में शामिल हैं। भव्य समग्र विकासात्मक दृष्टिकोण और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पिता समान ममता रखते हैं। इसी वजह से कंपनी ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विवाह समारोह को पूर्ण समर्थन दिया।