

Youth and Uncle Attacked with an Iron Rod In Gadchiroli: गडचिरोली जिले के कुरखेड़ा शहर के व्यस्ततम फव्वारा चौक इलाके में उधार दिए गए पैसे वापस मांगने पर एक कृषि व्यवसायी युवक और उसके सगे चाचा पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किए जाने की एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सरेराह हुई इस हिंसक घटना के कारण समूचे कुरखेड़ा क्षेत्र में भारी दहशत और तनाव का माहौल फैल गया है। स्थानीय पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी, उसके भाई और दो सहयोगियों सहित कुल चार आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
प्राप्त प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, वडसा, देसाईगंज निवासी शुभम कृष्णाजी आंबेकर (30) नामक कृषि व्यवसायी ने बीती 17 जुलाई 2025 को आरोपी विनोद श्रावण खंडाईत की बेहद आपातकालीन आवश्यकता को देखते हुए उसके बैंक खाते में ऑनलाइन माध्यम से 1 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। उस समय आरोपी विनोद ने एक महीने के भीतर पूरी धनराशि सम्मान सहित लौटाने का पक्का आश्वासन दिया था। हालांकि, निर्धारित समय बीत जाने के बाद शुभम द्वारा कई बार पैसे की मांग की गई, लेकिन आरोपी ने रकम वापस करने में लगातार टालमटोल की। जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तो शुभम ने इस पूरे धोखाधड़ी वाले मामले की जानकारी कोसी गांव में रहने वाले अपने चाचा घनश्याम वासुदेव आंबेकर को दी।
शनिवार 30 मई को दोपहर करीब 12 बजे शुभम और उनके चाचा घनश्याम आंबेकर इस मामले को सुलझाने के लिए कुरखेड़ा स्थित विनोद के 'अपना पानठेला' नामक दुकान पर पहुंचे। उस समय दुकान पर विनोद का भाई विकास खंडाईत मौजूद था। विकास ने उन्हें बताया कि विनोद किसी जरूरी काम से गडचिरोली शहर गया हुआ है और वह शाम तक वापस लौटेगा, अतः वे शाम को आकर अपनी रकम ले जाएं।
दिए गए समय के अनुसार शाम करीब 7 से 7.30 बजे के बीच शुभम और उनके चाचा दोबारा पानठेले पर पहुंचे। उस समय वहां विनोद और विकास दोनों पहले से ही घात लगाए मौजूद थे। शुभम ने जैसे ही अपनी बकाया राशि मांगी, दोनों आरोपी बुरी तरह भड़क उठे और सरेबाजार गंदी-गंदी गालियां देने लगे। मुख्य आरोपी विनोद ने अचानक शुभम की कॉलर पकड़कर उसे जोर से धक्का दिया और चिल्लाकर कहा कि वह एक भी रुपया वापस नहीं देगा।
इसी दौरान विनोद के इशारे पर वहां पहले से ही छिपे खड़े अरबाज और परवेज नामक दो अन्य युवक हाथों में भारी लोहे की रॉड लेकर सामने आए और उन्होंने शुभम के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। इस अप्रत्याशित हमले में शुभम का सिर फट गया और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
अपने भतीजे शुभम को लहूलुहान हालत में देख जब चाचा घनश्याम आंबेकर उसे बचाने के लिए बीच-बचाव करने दौड़े, तो क्रूर आरोपियों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। हमलावरों ने उनके सिर और हाथों पर लोहे की रॉड से बेरहमी से वार किए, जिसके कारण वे भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। मुख्य आरोपी विनोद ने इतने पर भी दया नहीं दिखाई और जमीन पर असहाय होकर गिरे दोनों घायलों के साथ जमकर लात-घूंसों से मारपीट की। उसने हमलावरों से एक लोहे की रॉड छीनकर जमीन पर पड़े शुभम के दाहिने कंधे पर भी जोर से हमला किया।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने घायलों को चेतावनी दी कि यदि वे भविष्य में दोबारा कभी कुरखेड़ा की सीमा में नजर आए, तो उन्हें सीधे जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद सभी आरोपी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। इस भयानक मंजर को देखकर आसपास के नागरिकों और राहगीरों ने तुरंत साहस दिखाते हुए बीच-बचाव किया और दोनों लहूलुहान घायलों को हमलावरों के चंगुल से मुक्त कराया। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। कुरखेड़ा पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।