उमरेड में महिलाओं के एल्गार से शराबबंदी कायम, एक साल से थमी अवैध बिक्री
उमरेड में महिलाओं ने शराबबंदी के लिए एकजुट होकर अवैध बिक्री को रोका। एक साल से गांव शराबमुक्त है।
Gadchiroli Umred Liquor Ban News: गयागड़चिरोली चामोर्शी तहसील के उमरेड में महिलाओं ने अवैध शराब बिक्री के खिलाफ एकजूटता दिखाकर एल्गार किया, इसकी बदौलत गांव में अवैध शराब बिक्री पूर्ण रूप से थमी है। मुक्तिपथ अभियान के मार्गदर्शन में विगत एक वर्ष से गांव में शराबबंदी कायम रखी है, अब यह स्थिति कायम रखने के लिए ग्रामीण तथा महिलाएं सक्रिय हैं।
एक समय ऐसा था, जब उमरेड गांव अवैध शराब बिक्री का केंद्र माना जाता था। पड़ोसी 3 गांवों के नशेड़ी यहां आते थे। इसका व्यापक झटका यहां के विद्यार्थी व महिलाओं को लग रहा था। सार्वजनिक जगह पर शराब प्राशन कर चिल्लाना, उद्दम मचाना, अश्लील भाषा में गालीगलौज करना आदि मामले निरंतर हो रहे थे। जिससे महिलाओं का घर के बाहर निकलना भी कठिन हुआ था। गांव की शांति भंग हुई थी।
शुरुआती दिनों में युवक व पुरुषों ने गांव में शराबबंदी की थी, लेकिन यह युवक शिक्षा व नौकरी के लिए बाहर जाने के चलते युवकों का संगठन कमजोर पड़ गया था। इसका लाभ उठाते हुए वर्ष 2025 में शराब विक्रेताओं ने फिर से अवैध शराब बिक्री शुरू की। इस दौरान गांव में शराब विक्रेताओं की संख्या 10 तक पहुंच गई थी।
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गांव में फिर से शुरू हुई शराब बिक्री रोकने के लिए मुक्तिपथ के तहसील संगठक आनंद इंगले तथा तहसील उपसंगठक विनोद पांडे आगे आए। उन्होंने महिलाओं को शराब के सामाजिक व पारिवारिक दुष्परिणाम बताए। वहीं उन्हे संगठित किया। विक्रेताओं को लिखित नोटिस दिया।
इसके बाद मुक्तिपथ गांव संगठन गठित किया गया। इसके पश्चात संगठन ने अवैध शराब बिक्री फिर से बंद करने के लिए अवैध शराब विक्रेताओं को लिखित नोटिस दिया। विक्रेताओं से फिर से व्यवसाय न करने का पत्र लिखकर लिया गया। केवल विक्रेताओं पर ही नहीं तो सार्वजनिक जगह पर शराब प्राशन करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई करने की नीति अपनाई।
शराब विक्रेताओं के खिलाफ कड़े उपाययोजना के चलते उमरेड गांव विगत एक वर्ष से शराबमुक्त है।
