पहली बारिश में बहा आलापल्ली-सिरोंचा हाईवे, सिरोंचा का गड़चिरोली मुख्यालय से टूटा संपर्क

Gadchiroli National Highway: गड़चिरोली में भारी बारिश से नेशनल हाईवे 353-C का रपटा बह गया। गुंडेरा-मोसम के बीच मार्ग बंद होने से सिरोंचा तहसील का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
Alapalli Sironcha Highway Washout
अलापल्ली-सिरोंचा हाईवे बह गया रपटा बह गया (सोर्स - फोटो नवभारत)
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Alapalli-Sironcha Highway Washout: गड़चिरोली जिले के आलापल्ली-सिरोंचा राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक 353-सी के निर्माणकार्य में गंभीर खामियों और प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। मानसून की शुरुआत होते ही गुंडेरा और मोसम गांव के बीच निर्माण गये गये रपटे तेज जलप्रवाह में बह जाने से सिरोंचा तहसील का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

इसके कारण इस क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित होकर यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। बताया जा रहा है कि, सोमवार की रात हुई बारिश के कारण रपटे बह गये है। कई वर्षों से निर्माणाधीन इस राष्ट्रीय राजमार्ग का कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थायी पुल और सुरक्षा संबंधी निर्माण कार्य अब तक पूरे नहीं किए गए हैं।

परिणामस्वरूप हर वर्ष बारिश के मौसम में अहेरी और सिरोंचा क्षेत्र के लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। क्षेत्र के नागरिक हुए त्रस्तः गुंडेरा और मोसम के रपटे बह जाने के बाद सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए हैं। यात्रि, विद्यार्थी, किसान, व्यापारियों तथा आवश्यक सेवाओं के लिए आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले नागरिकों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इससे पहले भी राष्ट्रीय राजमार्ग के धीमे निर्माण कार्य के खिलाफ जनआंदोलन चलाकर सरकार का ध्यानाकर्षकण कराया था।

जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर उठे सवाल

सिरोंचा और अहेरी तहसील क्षेत्र की जनता का धैर्य अब जवाब देने लगा है। हर वर्ष बारिश के दौरान संपर्क टूटना, यातायात बाधित होना और जनहानि का खतरा पैदा होना आम बात बन गई है। ऐसे में संबंधित ठेकेदार, परामर्शदाता संस्था तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर राजमार्ग का शेष कार्य शीघ्र पूरा करने की मांग जोर पकड़ रही है।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि, पहली ही बारिश में रपटों का बह जाना और संपर्क व्यवस्था का ठप हो जाना केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि अव्यवस्थित और योजनाहीन विकास कार्यों का परिणाम है।

तत्काल उपाययोजना करने की मांग

  • राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, जिला प्रशासन और राज्य सरकार से तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थायी समाधान करने की मांग उठ रही है।
  • हर वर्ष मानसून में संपर्क टूटने की समस्या से परेशान अहेरी और सिरोंचा क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
  • करोड़ों रुपये की परियोजनाओं के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है।
  • चार से छह वर्षों से लंबित निर्माण कार्य की कीमत आज आम नागरिकों को चुकानी पड़ रही है।
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