होली से रंगोत्सव तक…खुशियों के बीच ‘हवस’ का तांडव, गड़चिरोली में 4 दरिंदों के खिलाफ मामला दर्ज
Gadchiroli Crime News: गड़चिरोली में मासूमों के खिलाफ अपराधों की बाढ़। 15 दिनों में 4 बड़ी घटनाएं। धानोरा, कोरची और भामरागड़ में बच्चियां बनीं शिकार। प्रशासन और सुरक्षा पर उठे सवाल।
- Written By: प्रिया जैस
गड़चिरोली में दुष्कर्म का मामला (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Child Protection Maharashtra: एक जमाने में जिले में नक्सल आंदोलन के चलते जिलावासी दहशत में जीवनयापन कर रहे थे। लेकिन सरकार और पुलिस विभाग की उचित रणनीति के कारण गड़चिरोली जिले से नक्सल आंदोलन खत्म होने की कगार पर आ गया है। और जिले के नागरिक भयमुक्त वातावरण में जीवनयापन कर रहे है। लेकिन अब जिले में छोटी बेटियां लोगों के हवस का शिकार बनती नजर आ रही है।
विशेषत: पिछले 15 दिनों की अवधि में गड़चिरोली जिले में चार जगहों पर छोटी बच्चियों समेत नाबालिगों के साथ दुराचार होने की घटनाएं उजागर हुई हैं। इन घटनाओं से बेटियों के अभिभावक दहशत में आ कर जिले में बेटियों की सुरक्षा का प्रश्न उपस्थित हो गया है।
एक तरफ छोटी बच्चियों के साथ दुराचार करने वाले दरिदों को कड़ी सजा देने की मांग जोर पकड़ रही हैं। वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाएं आए दिन उजागर होने से जिलावासियों में भय का वातावरण निर्माण हो गया है।
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इन जगहों पर उजागर हुई घटनाएं
पहली घटना होली के दिन धानोरा तहसील के गोडलवाही पुलिस सहायता केंद्र क्षेत्र में घटी। 6 वर्षीय बालिका की विजय बोगा नामक आरोपी ने जंगल में ले जाकर उसका वियनभंग किया। वहीं दूसरी घटना रंगोत्सव के दिन यानी 3 मार्च को कोरची तहसील में उजागर हुई। जहां 8 वर्षीय बालिका पर मोनू कुमार ढोक ने दुराचार किया।
- 3 बच्चियां और 1 नाबालिग किशोरी पीड़ित
- 3 तहसीलों में सामने आईं घटनाएं
- 4 आरोपियों पर मामल दर्ज
तीसरी घटना भामरागड़ तहसील के मन्नेराजाराम पुलिस सहायता केंद्र अंतर्गत घटी। जहां चाचा ने ही अपनी 3 वर्षीय भतीजे के साथ दुराचार किया। वहीं अब कोरची तहसील में ही एक 17 वर्षीय नाबालिग को शादी करने का झांसा देकर अजय कल्लो नामक आरोपी ने उसके साथ दुराचार किया है।
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बेटियों की सुरक्षा का क्या?
- वर्तमान स्थिति में गड़चिरोली जिले में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण पिछले 15 दिनों की अवधि में जिले की विभिन्न तहसीलों में घटी घटनाएं है।
- आमतौर पर ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र में माता-पिता अपने बच्चों को घर में अकेले छोड़ मजदूरी करने के लिए बाहर निकल जाते है।
- इस स्थिति का लाभ उठाते हुए विकृत मानसिकता के लोग बच्ची और नाबालिग के साथ दुराचार कर रहे है। ऐसे स्थिति में बेटियों की सुरक्षा कैसे होगी? ऐसा सवाल अब उपस्थित हो रहा है।
कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता
गड़चिरोली जिले में निरंतर घट रहीं इन घटनाओं से बेटियों की सुरक्षा का प्रश्न निर्माण हो रहा है। वहीं दूसरी ओर ऐसी न जाने कितनी घटनाएं होगी, जो बदनामी के चलते थाने तक नहीं पहुंच पायी है। जिससे ऐसे लोगों में जनजागृति करने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता होने की बात कही जा रही है।
