गड़चिरोली में 23 किमी लंबे फोर-लेन बायपास का नया अलाइनमेंट तैयार, केंद्र को भेजा प्रस्ताव

Gadchiroli Bypass Project: गड़चिरोली में भारी वाहनों के कारण लगने वाले जाम से मुक्ति के लिए 23 किलोमीटर लंबी फोर-लेन बायपास सड़क बनाई जाएगी। जिलाधिकारी की बैठक में अंतिम अलाइनमेंट की समीक्षा की गई।
Gadchiroli Four-Lane Bypass Road Project
फोर-लेन बायपास रोड संकल्पनात्मक नकाशा (सोर्स- फोटो नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

Gadchiroli Four Lane Bypass Road Project: गड़चिरोली जिले में तेजी से बढ़ रहे औद्योगीकरण, भारी वाहनों की बढ़ती आवाजाही और शहर में लगातार बढ़ रही यातायात समस्या को देखते हुए गड़चिरोली शहर के लिए 23 किलोमीटर लंबी चार लेन (फोर-लेन) बायपास सड़क का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री तथा जिले के पालकमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति दी गई है।बुधवार को जिलाधिकारी अविश्यांत पांडा की अध्यक्षता में प्रस्तावित बायपास के अंतिम अलाइनमेंट की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

जिलाधिकारी ने दिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश

बैठक में प्रस्तावित बायपास मार्ग के अंतिम अलाइनमेंट पर विस्तार से चर्चा की गई तथा आवश्यक तकनीकी संशोधन सुझाए गए। गड़चिरोली जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संशोधित प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय को शीघ्र भेजा जाए।

प्रस्तावित बायपास शहर से लगभग 5 से 6 किलोमीटर की दूरी पर बनाया जाएगा। इसका नियोजन आगामी 25 से 30 वर्षों की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि भविष्य में औद्योगिक विकास और बढ़ते यातायात का दबाव सुचारू रूप से संभाला जा सके।

बैठक में अपर जिलाधिकारी नितिन गावंडे, राष्ट्रीय महामार्ग विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रफुल्ल केलकर, नगर परिषद की प्रशासनिक अधिकारी अर्चना मेंढे तथा गड़चिरोली नगर परीषद के मुख्याधिकारी सूर्यकांत पिदुरकर उपस्थित थे।

लंबे समय से हो रही मांग

लंबे समय से नागरिक शहर के लिए अलग बायपास मार्ग की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा इस मांग पर सकारात्मक पहल किए जाने से अब इस परियोजना को गति मिली है। बायपास सड़क के निर्माण के बाद भारी वाहनों को शहर के बाहर से ही निकाला जा सकेगा, जिससे शहर के भीतर यातायात सुगम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी तथा प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। साथ ही औद्योगिक विकास और निवेश को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

Navbharat Live
navbharatlive.com